दिल्ली
2 घंटे पहले
3
विचारों
राजधानी के लोगों की शिकायतों का तेजी से समाधान करने और पुलिस तंत्र को सीधे आम जनता से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने इस संबंध में एक विस्तृत सर्कुलर जारी किया है।
इस आदेश के अनुसार अब राजधानी के प्रत्येक पुलिस स्टेशन में हर शनिवार को 'थाना दिवस-जन सुनवाई' का आयोजन होगा, जहां नागरिक सीधे अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख सकेंगे।
घोषणाएं और नियम
- यह जन सुनवाई हर शनिवार को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सभी थानों में होगी। इसकी शुरुआत आने वाले शनिवार से की जाएगी।
- इन सुनवाइयों में केवल थाने का स्टाफ ही नहीं रहेगा, बल्कि स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी और एसीपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी रोटेशन के आधार पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
- यदि किसी नागरिक की शिकायत पहले से इंटीग्रेटेड कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (ICMS) पर दर्ज नहीं है, तब भी उसकी बात सुनी जाएगी। ऐसी शिकायत को मौके पर लिया जाएगा और बाद में पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा।
जन सुनवाई की मुख्य विशेषताएं
- जिन मामलों में जांच या वेरिफिकेशन की आवश्यकता होगी, उन्हें तत्काल संबंधित स्टाफ को सौंपकर एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाया जाएगा। लंबित यानी पेंडिंग मामलों की समीक्षा स्वयं एसीपी और डीसीपी करेंगे।
- सभी थाना प्रभारियों (SHOs) को सख्त हिदायत दी गई है कि वे जन सुनवाई के दौरान नागरिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था, सहायता डेस्क और एक मित्रवत माहौल सुनिश्चित करें।
- शिकायतों के निपटारे की गुणवत्ता और उसमें लगने वाले समय की कड़ी निगरानी होगी। किसी भी प्रकार की देरी, लापरवाही या ढुलमुल रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- प्रत्येक जिले को हर दो हफ्ते में सतर्कता विभाग और रेंज के जॉइंट/एडिशनल सीपी को रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें दर्ज मामलों, उनके निपटारे और पेंडिंग मामलों का पूरा ब्योरा शामिल रहेगा।
जनता से जुड़ी पुलिसिंग पर जोर
पद संभालने के बाद से ही उपराज्यपाल जनता पर केंद्रित और जवाबदेह पुलिसिंग पर लगातार बल देते रहे हैं। इस पहल को सफल बनाने के लिए डीसीपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे सोशल मीडिया, थाना नोटिस बोर्ड, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWAs) और मार्केट एसोसिएशन्स (MWAs) के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
Comments
0 comment