उत्तराखंड
एक दिन पहले
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उत्तराखंड में मानसून का बढ़ता असर
उत्तराखंड राज्य में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम पूर्वानुमानों के अनुसार, आज यानी 26 जुलाई 2026 को राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी, जबकि कुछ विशिष्ट जिलों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। पहाड़ों में नमी की पर्याप्त आपूर्ति और मानसूनी हवाओं के प्रभाव के कारण पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र दौर की चेतावनी दी गई है। राजधानी देहरादून के साथ-साथ उत्तरकाशी, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों को विशेष रूप से भारी बारिश के अलर्ट पर रखा गया है।
मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश
पर्वतीय क्षेत्रों के अलावा राज्य के मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। हालांकि यहां बहुत अधिक मूसलाधार बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन गरज और चमक के साथ बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के विश्लेषण के अनुसार, बीते 24 घंटों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई है। कहीं-कहीं गर्जन के साथ तेज हवाएं चली हैं, जिससे पर्वतीय इलाकों के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मैदानी इलाकों के निवासियों को अभी भी उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
तापमान का हाल और हवा की रफ्तार
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य के मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, रुड़की (हरिद्वार) राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.0°C दर्ज किया गया। इसके विपरीत, नैनीताल जिले का मुक्तेश्वर पर्वतीय क्षेत्र सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 15.6°C रिकॉर्ड किया गया। ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि कई क्षेत्रों में तेज आंधी और हवाएं भी चली हैं। मुक्तेश्वर में हवा की गति 46 किमी/घंटा, पौड़ी के भड़सार में 39 किमी/घंटा, चमोली में 39 किमी/घंटा और पंतनगर में 35 किमी/घंटा तक दर्ज की गई। पर्वतीय इलाकों में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने ठंडक बढ़ा दी है।
27 से 29 जुलाई के लिए चेतावनी
मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 जुलाई से शुरू हो रहा यह वर्षा का सिलसिला आगामी 28 और 29 जुलाई को और अधिक गंभीर रूप धारण कर सकता है। राज्य के संवेदनशील पर्वतीय इलाकों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
- 27 जुलाई 2026: इस दिन बारिश का दायरा काफी विस्तृत हो जाएगा। देहरादून और बागेश्वर में कहीं-कहीं ‘भारी से बहुत भारी’ वर्षा होने की संभावना है। टिहरी, चमोली, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- 28 और 29 जुलाई 2026: ये दो दिन पूरे राज्य के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं। उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं अति भारी वर्षा की आशंका है। इन क्षेत्रों में गर्जन और आकाशीय बिजली कड़कने की घटनाएं सामान्य से अधिक तीव्र हो सकती हैं।
प्रमुख क्षेत्रों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
राज्य के विभिन्न मंडलों में मौसम की स्थिति को लेकर मौसम विभाग ने विस्तृत जानकारी दी है। देहरादून में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की पूरी संभावना है। आने वाले 27 से 29 जुलाई के बीच राजधानी में अत्यंत भारी बारिश देखी जा सकती है। कुमाऊं मंडल के नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में 26 जुलाई से ही मूसलाधार बारिश का अलर्ट प्रभावी है। झीलों की नगरी नैनीताल में तेज बारिश और धुंध की स्थिति बनी रहेगी। उत्तरकाशी में आज से भारी बारिश का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है, जबकि 28 और 29 जुलाई को बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा करने वाले मार्गों पर अत्यंत तीव्र बारिश का खतरा रहेगा। तीर्थयात्रियों को अत्यंत सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन की सतर्कता
चूंकि मानसून का यह दौर अधिक खतरनाक होने वाला है, इसलिए प्रशासन ने भूस्खलन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। पर्वतीय जनपदों में बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मैदानी इलाकों में दिन में उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम ढलते ही तेज बौछारें पड़ने से तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम की चेतावनी के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
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