मानसून में AC के इस मोड से पाएं डबल कूलिंग, बिजली का बिल भी होगा कम तकनीक एक घंटा पहले 2
बारिश के मौसम में AC का Dry Mode उमस घटाने और बिजली बचाने में सबसे कारगर माना जाता है। जानिए इसका सही इस्तेमाल कब करें और कब नहीं।

मानसून की दस्तक के साथ ही भीषण गर्मी से तो राहत मिल जाती है, लेकिन हवा में बढ़ी नमी और चिपचिपाहट एक नई परेशानी बनकर सामने आती है। बहुत से लोग बारिश के दिनों में भी एसी चलाते हैं, मगर सही मोड का चुनाव न करने की वजह से कमरा ठंडा तो हो जाता है, फिर भी उमस पूरी तरह खत्म नहीं होती और बिजली की खपत भी बढ़ जाती है। ऐसे में एक खास मोड आपकी काफी मदद कर सकता है।

बारिश में उमस क्यों बढ़ जाती है

बरसात के दौरान हवा में नमी यानी मॉइस्चर का स्तर काफी ऊपर चला जाता है। इस तरह के माहौल में तापमान बहुत अधिक नहीं होता, लेकिन हवा में मौजूद ज्यादा नमी शरीर को बेचैन कर देती है। पसीना आसानी से नहीं सूखता और कमरा चिपचिपा महसूस होने लगता है। यही कारण है कि कई बार 28 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी लोगों को गर्मी और उमस का अहसास होता है।

Dry Mode है असली राज़

मानसून के मौसम में एसी का Dry Mode सबसे उपयोगी माना जाता है। इस मोड का मुख्य काम कमरे की हवा में मौजूद अतिरिक्त नमी को कम करना होता है। जब आप इसे ऑन करते हैं, तो एसी का कंप्रेसर लगातार नहीं चलता, बल्कि जरूरत के मुताबिक काम करता है। इससे कमरे की नमी घटती है, माहौल ज्यादा आरामदायक लगता है और बिजली की खपत भी अपेक्षाकृत कम हो सकती है।

एक साथ दो फायदे

Dry Mode का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह कमरे की नमी और उमस को घटा देता है, जिससे बहुत ज्यादा ठंडक के बिना भी आराम महसूस होता है। दूसरा बड़ा फायदा बिजली की बचत का है, क्योंकि इस मोड में एसी को लगातार फुल पावर पर नहीं चलना पड़ता। यही वजह है कि सामान्य Cool Mode की तुलना में इसमें बिजली की खपत कम रह सकती है। यानी बेहतर आराम के साथ-साथ बिजली के बिल में भी राहत मिलती है।

कब नहीं करना चाहिए इस्तेमाल

अगर बाहर का तापमान बहुत ज्यादा हो और हवा में नमी कम हो, तो Dry Mode उतना असरदार साबित नहीं होता। ऐसी स्थिति में Cool Mode बेहतर विकल्प होता है, क्योंकि इसका मुख्य काम कमरे को तेजी से ठंडा करना है। Dry Mode खासतौर पर बारिश के मौसम और ज्यादा नमी वाले दिनों के लिए ही बनाया गया है, जहां इसका मकसद हवा से अतिरिक्त नमी हटाकर माहौल को आरामदायक बनाना होता है।

बरसात में एसी चलाने के जरूरी टिप्स

मानसून के दौरान एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना बेहतर माना जाता है। साथ ही कमरे के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें, ताकि बाहर की नमी अंदर न आ सके।

एसी के फिल्टर की नियमित सफाई भी उतनी ही जरूरी है, क्योंकि गंदे या जाम फिल्टर कूलिंग और एयरफ्लो दोनों पर असर डालते हैं। सही तापमान और नियमित रखरखाव से एसी बेहतर प्रदर्शन करता है, कमरे में आरामदायक माहौल बना रहता है और बिजली की खपत भी काबू में रहती है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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