दौसा: इंसाफ की मांग को लेकर टंकी पर डटी रहीं मां-बेटी, 11 घंटे बाद इस वजह से उतरीं नीचे राजस्थान 3 महीने पहले 42
बांदीकुई में मृतक दिनेश मीणा की पत्नी और मां पानी की टंकी पर चढ़कर 11 घंटे तक धरने पर बैठी रहीं। सांसद मुरारी लाल मीणा की मध्यस्थता और प्रशासन के आश्वासन के बाद दोनों महिलाएं नीचे उतरीं।

दौसा जिले के बांदीकुई में पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध जता रहीं मृतक दिनेश मीणा की पत्नी और मां आखिरकार 11 घंटे बाद नीचे उतर गईं। प्रशासन और मृतक के परिजनों के बीच एक बार फिर सहमति बनने के साथ ही यह गतिरोध थम गया। इस पूरे प्रकरण में दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा की मध्यस्थता निर्णायक साबित हुई, जिनकी पहल पर दोनों पक्षों में समझौता हुआ।

सांसद के आवास पर हुई वार्ता

मिली जानकारी के अनुसार, सांसद मुरारी लाल मीणा के निवास पर प्रशासनिक अधिकारियों और मृतक दिनेश मीणा के परिजनों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान पहले हुए समझौते की शर्तों पर बारीकी से चर्चा की गई। प्रशासन ने परिजनों को आश्वस्त किया कि सात दिनों के भीतर पूर्व समझौते की सभी शर्तें लागू कर दी जाएंगी। इसके अलावा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने समेत अन्य मांगों पर भी कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

11 घंटे बाद टंकी से उतरीं महिलाएं

वार्ता सफल रहने के बाद सांसद मुरारी लाल मीणा खुद पानी की टंकी के पास पहुंचे और मृतक दिनेश मीणा की पत्नी तथा मां से बातचीत की। सांसद की अपील और प्रशासन के आश्वासन पर दोनों महिलाएं करीब 11 घंटे बाद टंकी से नीचे उतर आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया।

सात दिन में मांगें नहीं मानीं तो फिर आंदोलन

सांसद मुरारी लाल मीणा ने कहा कि प्रशासन ने सात दिनों के भीतर समझौते की शर्तें पूरी करने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि तय समय सीमा में वादे पूरे नहीं किए गए तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। इससे पहले सांसद ने परिजनों को ढांढस बंधाया और उनकी मांगों को लेकर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि मृतक के परिवार को हरसंभव मदद मुहैया कराई जानी चाहिए और न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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