बांदीकुई मॉब लिंचिंग: इंसाफ की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ीं सास-बहू, बोलीं- बाबा किरोड़ी के आने पर ही उतरेंगे राजस्थान एक घंटा पहले 2
दौसा के बांदीकुई में मॉब लिंचिंग के शिकार दिनेश मीणा की मां और पत्नी शनिवार सुबह से पंचायत समिति की पानी की टंकी पर चढ़ी हुई हैं। परिवार का कहना है कि जब तक मंत्री किरोड़ी लाल मीणा मौके पर नहीं पहुंचते, महिलाएं नीचे नहीं उतरेंगी।

राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई में मॉब लिंचिंग के एक मामले को लेकर पीड़ित परिवार का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। पंचायत समिति परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़कर दो महिलाओं ने प्रशासन के सामने कड़ी शर्तें रख दी हैं। मॉब लिंचिंग के शिकार दिनेश मीणा की मां और पत्नी शनिवार सुबह से ही टंकी पर डटी हुई हैं और उन्होंने दो टूक कह दिया है कि जब तक कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा खुद मौके पर नहीं पहुंचते, तब तक वे किसी भी हाल में नीचे नहीं उतरेंगी।

इस घटनाक्रम से स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए हैं, जिससे इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन और पुलिस की टीमें भारी जाब्ते के साथ मौजूद हैं और महिलाओं को समझाने का दौर लगातार जारी है।

समझौते की शर्तें पूरी न होने का आरोप

परिजनों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दिनेश मीणा की मौत के बाद प्रशासन के साथ जो समझौता हुआ था, उसकी शर्तों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। पीड़ित परिवार की मांग थी कि इस क्रूर हत्याकांड के आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए और उन्हें बाजार में सरेआम जुलूस की शक्ल में घुमाया जाए, ताकि अपराधियों में डर पैदा हो।

परिवार का कहना है कि पुलिस ने समझौते की शर्तें पूरी नहीं कीं और मामले के सभी नामजद आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया। इसी नाराजगी के चलते सास-बहू को टंकी पर चढ़ने जैसा कदम उठाना पड़ा। परिवार का साफ कहना है कि वे अब केवल पुलिस के आश्वासनों पर भरोसा करके नीचे नहीं उतरेंगे।

'बाबा किरोड़ी के आने तक जारी रहेगा प्रदर्शन'

टंकी के नीचे मौजूद मृतक दिनेश मीणा की मौसी की लड़की ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरा परिवार लंबे समय से न्याय के लिए भटक रहा है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक बाबा किरोड़ी लाल मीणा मौके पर आकर परिवार की सुध नहीं लेते और ठोस न्याय का भरोसा नहीं दिलाते, तब तक दोनों महिलाएं टंकी से नीचे नहीं उतरेंगी।

उल्लेखनीय है कि किरोड़ी लाल मीणा की क्षेत्र के आदिवासी और मीणा समुदाय में गहरी पकड़ मानी जाती है। यही कारण है कि पीड़ित परिवार उन्हें मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ा हुआ है।

पेड़ से बांधकर पीटा गया था दिनेश को

इस पूरे विवाद की जड़ वह घटना है जिसने पूरे दौसा जिले को हिला कर रख दिया था। बताया जा रहा है कि दिनेश मीणा नामक युवक को कुछ दबंगों ने पेड़ से बांधकर लाठी-डंडों से इतनी बेरहमी से पीटा कि अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में आक्रोश सुलग रहा था।

अब पीड़ित परिवार की महिलाओं के पानी की टंकी पर चढ़ने के बाद यह मामला दोबारा गरमा गया है। एहतियात के तौर पर बांदीकुई थाना पुलिस ने भारी जाब्ता तैनात कर दिया है और सिविल डिफेंस की टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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