दरभंगा के किसान वकील यादव की कमाल की खेती: 10 कट्ठा जमीन से हर दिन ले रहे 300 किलो बैंगन की बंपर पैदावार बिहार 3 घंटे पहले 5
दरभंगा के प्रगतिशील किसान वकील यादव ने महज 10 कट्ठा जमीन पर बैंगन की वैज्ञानिक और देसी खेती से बंपर उत्पादन कर मिसाल पेश की है।

खेती में कामयाबी की नई कहानी

बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में किसान अब पारंपरिक फसलों के दायरे से बाहर निकलकर सब्जी की खेती में नई ऊंचाइयां छू रहे हैं। इसी कड़ी में दरभंगा जिले के एक प्रगतिशील किसान वकील यादव का नाम चर्चा का विषय बना हुआ है। वकील यादव ने अपनी मेहनत और सही तकनीक के दम पर महज 10 कट्ठा जमीन पर बैंगन की ऐसी शानदार खेती की है कि आसपास के तमाम किसान भी उनसे सीखने के लिए पहुंच रहे हैं। उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि वे अपने छोटे से खेत से रोजाना 300 किलोग्राम तक बैंगन की उपज प्राप्त कर रहे हैं, जो कृषि के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

लाल बैंगन की किस्म का कमाल

वकील यादव ने अपने खेत में लाल बैंगन की एक उन्नत किस्म का चयन किया है। सही फसल प्रबंधन और निरंतर देखभाल की वजह से उन्हें यह बंपर पैदावार मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि फसल की कटाई के दौरान मिलने वाली उपज बेहद संतोषजनक है। हाल ही में की गई तुड़ाई में भी उन्हें 300 किलो के करीब बैंगन प्राप्त हुए। किसान के अनुभव के अनुसार, अगर सही तरीके से ध्यान रखा जाए, तो शुरुआती स्तर पर ही हर एक पौधे से आसानी से 2 से 4 किलोग्राम तक बैंगन का उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

खाद और खेत की तैयारी का प्रबंधन

इस सफलता के पीछे किसान का अनुभव और खेती करने का अनूठा तरीका मुख्य भूमिका निभाता है। वकील यादव ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने ट्रैक्टर के जरिए खेत की गहरी जुताई करवाई ताकि मिट्टी भुरभुरी और समतल हो सके। मिट्टी के समतल होने से पौधों की जड़ों का विकास बहुत तेजी से होता है। इसके बाद उन्होंने खेत में व्यवस्थित तरीके से क्यारियां तैयार कीं। उन्होंने प्रति कट्ठा 1 किलो के अनुपात से डीएपी खाद का उपयोग किया है। इस खाद को उन्होंने दो अलग-अलग चरणों में पौधों को दिया है, जिसमें से पहली खुराक रोपाई से पहले और दूसरी खुराक रोपाई के कुछ समय बाद दी गई है।

सिंचाई और फसल प्रबंधन के टिप्स

पौधों की रोपाई के लिए जमीन को सीधा छोड़ने के बजाय क्यारियां बनाने को वे ज्यादा बेहतर मानते हैं। इसका फायदा यह होता है कि जल निकासी में कोई समस्या नहीं आती और खरपतवार को निकालना भी काफी सरल हो जाता है। हालांकि फसलों के लिए समय पर सिंचाई बेहद जरूरी है, लेकिन इस बार समय पर हुई बारिश ने उन्हें काफी राहत दी है। बारिश ने सिंचाई में होने वाले खर्च को भी कम कर दिया है। वकील यादव का स्पष्ट मानना है कि खेती में किसी भी प्रकार का कोई जादू नहीं होता है। अच्छी उपज हासिल करने के लिए केवल समय पर मेहनत, सही तकनीक और फसल की निरंतर देखभाल ही एकमात्र कुंजी है। उनका यह सफर उन सभी छोटे किसानों के लिए एक उदाहरण है जो कम जमीन में भी आधुनिक तरीके अपनाकर बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त करना चाहते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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