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एक घंटा पहले
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वेस्टइंडीज क्रिकेट का नया कदम
वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम की बल्लेबाजी तकनीक और प्रदर्शन को नई ऊंचाई देने के इरादे से एक बड़ा फैसला लिया है। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड की महिला क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच बॉब कार्टर को एक साल के कार्यकाल के लिए बैटिंग कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त किया है। बॉब कार्टर के पास कोचिंग का तीन दशक से भी अधिक का लंबा अनुभव है। अब वे कैरेबियाई क्रिकेट के पुरुष, महिला और एज ग्रुप स्तर के खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि टीम की बल्लेबाजी क्षमता को और अधिक निखारा जा सके।
कोचिंग सिस्टम को बेहतर बनाने पर जोर
बॉब कार्टर ने 1 सितंबर से आधिकारिक तौर पर अपना पद संभाल लिया है। उनकी नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य न केवल बल्लेबाजों के कौशल में सुधार करना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर कोचिंग सिस्टम को भी मजबूती प्रदान करना है। अपनी इस भूमिका के तहत वे इस महीने से कैरेबियन क्षेत्र के सभी 6 फर्स्ट क्लास क्रिकेट सेंटर्स का दौरा करेंगे, जिनमें बारबाडोस, गुयाना, जमैका, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, लीवर्ड आइलैंड्स और विंडवर्ड आइलैंड्स शामिल हैं। इस दौरान वे स्थानीय कोचों और खिलाड़ियों के साथ सीधा संवाद और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेंगे। क्रिकेट वेस्टइंडीज के अनुसार, कार्टर व्यक्तिगत बल्लेबाजी कार्यक्रम तैयार करने और उन्हें क्रियान्वित करने में भी कोचों का मार्गदर्शन करेंगे। कार्टर का मानना है कि वेस्टइंडीज क्रिकेट में हमेशा से ही बेहतरीन बल्लेबाजों को तैयार करने की गौरवशाली परंपरा रही है, और वे इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
बॉब कार्टर का समृद्ध अनुभव
बॉब कार्टर का क्रिकेट जगत में लंबा सफर रहा है। उनका जन्म इंग्लैंड में हुआ था और उन्होंने वर्ष 2004 में न्यूजीलैंड की पुरुष क्रिकेट टीम के साथ सहायक कोच के रूप में अपनी कोचिंग यात्रा शुरू की थी। इसके अलावा उन्होंने माइक हेसन के साथ भी काम किया है। साल 2019 में उन्हें न्यूजीलैंड महिला टीम की बागडोर सौंपी गई थी, जहाँ उन्होंने 2022 के महिला T20 वर्ल्ड कप तक अपनी सेवाएं दीं। वे 2012 से 2025 तक न्यूजीलैंड क्रिकेट के हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम का भी अहम हिस्सा रहे हैं।
आगामी वैश्विक टूर्नामेंट्स की तैयारी
वेस्टइंडीज के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट माइल्स बेसकॉम्ब ने बताया कि अगले 24 से 30 महीनों में वेस्टइंडीज की विभिन्न टीमें कम से कम 6 बड़े वैश्विक टूर्नामेंट्स में अपनी दावेदारी पेश करेंगी। इनमें फरवरी 2027 में होने वाला पुरुष ODI वर्ल्ड कप क्वालीफायर भी शामिल है। टीम के लगातार संघर्ष को देखते हुए यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है ताकि भविष्य की चुनौतियों के लिए बल्लेबाजों को तकनीकी रूप से तैयार किया जा सके।
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