उत्तर प्रदेश
4 घंटे पहले
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भूमि विवादों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को भूमि संबंधी विवादों के निपटारे के लिए स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान एक फरियादी महिला ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि दबंग लोग उसे रास्ता नहीं दे रहे हैं और खुलेआम धमकियां दे रहे हैं। महिला की शिकायत सुनकर मुख्यमंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश दिया कि इस मामले में तत्काल दखल देकर महिला को उसका हक और रास्ता दिलवाया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र के लेखपाल, कानूनगो या तहसीलदार इस कार्य को सुनिश्चित करने में असमर्थ रहते हैं, तो उन सभी को बिना देरी के तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाए।
लापरवाही करने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज
सीएम योगी ने प्रशासनिक तंत्र को साफ संकेत दिया है कि आम जनता की जमीन से जुड़ी शिकायतों को किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हीलाहवाली या काम में ढिलाई बरतने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर शिकायतों की गहन समीक्षा करें और यदि कहीं भी लापरवाही पाई जाती है, तो दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिम्मेदारी से बचने वाले लोगों पर निलंबन जैसी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, क्योंकि जनता की सुनवाई और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की पहली प्राथमिकता है।
जनता दर्शन में करीब 200 लोगों की सुनी फरियाद
सोमवार को गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन कार्यक्रम के तहत लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लगभग 200 लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने खुद फरियादियों के पास जाकर उनके प्रार्थना पत्र लिए और उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वे बिल्कुल भी चिंता न करें, क्योंकि सरकार हर जरूरतमंद के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। जमीन संबंधी शिकायतों को लेकर अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से प्रभावी निस्तारण के निर्देश जारी किए।
इलाज के लिए आर्थिक सहायता का दिया भरोसा
जनता दर्शन के दौरान केवल भूमि विवाद ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आर्थिक तंगी से जुड़े मामले भी सामने आए। इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार उपचार के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें भविष्य में इलाज के लिए किसी तरह की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आयुष्मान कार्ड के बाद भी इलाज के लिए अतिरिक्त मदद की आवश्यकता पड़ती है, तो सरकार अपने विवेकाधीन कोष से जरूरतमंदों की पूरी सहायता करेगी।
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