ऋषिकेश में 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम धामी, अपनी सरकार के 5 साल के कामकाज का दिया ब्योरा भारत 2 महीने पहले 73
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऋषिकेश में 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' कार्यक्रम में शरीक हुए। इस मौके पर उन्होंने अपनी सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों को गिनाया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऋषिकेश में आयोजित "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" कार्यक्रम में शामिल हुए। इस विशेष अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि विभिन्न आपदाओं के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा उत्तराखंड का साथ दिया है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड की जनता से एक विशेष और गहरा लगाव है, जिसके कारण राज्य में कई बड़े और महत्वपूर्ण कार्य संभव हो पाए हैं।

अपनी सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भावुक स्वर में कहा कि आज उनकी सरकार को मुख्यसेवक के रूप में काम करते हुए पूरे 5 वर्ष का समय बीत गया है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उनसे पूछते हैं कि इस लंबे कार्यकाल के पूरा होने पर उन्हें कैसा महसूस होता है। इस पर अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वे पतित पावनी मां गंगा और महादेव को साक्षी मानकर यह कह रहे हैं कि उन्होंने इन पांच सालों के दौरान कभी एक भी दिन, एक भी महीना या एक भी साल नहीं गिना, बल्कि उनका पूरा ध्यान केवल निस्वार्थ भाव से जनसेवा करने पर ही केंद्रित रहा।

जनसेवा और सुशासन के शानदार पांच वर्ष

मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी एक विस्तृत संदेश साझा किया। अपने इस संदेश में उन्होंने लिखा कि उत्तराखंड की जनता के असीम स्नेह, अटूट विश्वास और आशीर्वाद के चलते मुख्यसेवक के रूप में उनके जनसेवा के 5 वर्ष आज सफलतापूर्वक पूरे हो गए हैं। उन्होंने इस पूरी यात्रा को सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की यह ऐतिहासिक यात्रा उत्तराखंड के लगभग 1.25 करोड़ नागरिकों के विश्वास, उनकी बड़ी आकांक्षाओं और निरंतर सहयोग का ही परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी के कुशल मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार के संकल्प के साथ बीते पांच सालों में राज्य के चौमुखी विकास और इसकी सांस्कृतिक अस्मिता को हमेशा शीर्ष प्राथमिकता दी गई है।

सरकार के बड़े और ऐतिहासिक निर्णय

अपने कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार द्वारा लिए गए युगांतरकारी निर्णयों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवधि में कई ऐसे कड़े फैसले लिए गए, जो पूरे देश में एक मिसाल बन चुके हैं। सरकार की प्रमुख उपलब्धियों और ऐतिहासिक निर्णयों की सूची इस प्रकार है:

  • राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए।
  • युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया।
  • धर्म परिवर्तन की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया गया।
  • उत्तराखंड की जमीनों के संरक्षण के लिए एक सशक्त भू-कानून तैयार किया गया।
  • एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाते हुए मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया और उसके स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाई गई।

युवाओं और महिलाओं के कल्याण पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी नौकरियों में सुधार और महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि राज्य की मातृशक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने हेतु पूरी पारदर्शिता के साथ 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में शामिल होने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान किया गया है। सैनिकों, किसानों, नौजवानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार जनहित में नीतियां बनाई जा रही हैं।

स्थानीय उत्पाद और वैश्विक स्तर पर उत्तराखंड का मान

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तराखंड में सौर ऊर्जा, होमस्टे योजना और स्वरोजगार के क्षेत्र को एक नई दिशा और ऊर्जा मिली है। चारधाम यात्रा सहित धार्मिक और पर्यटन बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास से राज्य में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व ताकत मिली है। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से 'हाउस ऑफ हिमालयाज' ब्रांड की शुरुआत की गई। इसके अलावा, राज्य में राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन हुआ और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में उत्तराखंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश में अपना मान बढ़ाया है। राज्य में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की धरातल पर लैंडिंग कराई गई है, जिससे विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं।

'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान का दूसरा चरण शुरू

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से घोषणा की कि जनसेवा के इसी संकल्प को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से अब "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत सरकार के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी स्वयं आम जनता के बीच जाएंगे और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना और सुशासन की भावना को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे जनता के सहयोग के साथ इस समृद्धि की यात्रा को और ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर संकल्पबद्ध हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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