उपनाम: स्व-सहायता समूह
आत्मनिर्भरता की मिसाल: बालोद कलेक्ट्रेट में 9 साल से चल रही 'गढ़ कलेवा' कैंटीन, 20 रुपए में परोसे जा रहे पारंपरिक व्यंजन
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह की 11 महिलाएं पिछले 9 सालों से एक किफायती और लोकप्रिय कैंटीन चला रही हैं। यहाँ बेहद कम कीमत पर छत्तीसगढ़ी जायकों का स्वाद मिलता है, जो स्थानीय लोगों के साथ ही अधिकारियों की भी पहली पसंद बन चुका है।
बैतूल के कुकरू में मुख्यमंत्री मोहन यादव का दौरा: स्व-सहायता समूह की महिलाओं से की मुलाकात, चखा मावा रबड़ी का स्वाद
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैतूल के कुकरू का दौरा कर स्व-सहायता समूह की महिलाओं के कार्यों को करीब से देखा और उनकी आत्मनिर्भरता की सराहना की।
बालोद में स्व-सहायता समूह की महिलाएं बीज उपचार से तैयार कर रहीं पौधे, जानें नारियल से लेकर पपीता तक के दाम
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में धरा क्लस्टर संगठन लाटाबोड़ से जुड़ी महिलाएं बीज उपचार कर विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार कर रही हैं, जिन्हें बेचकर वे अतिरिक्त आय अर्जित करेंगी। नारियल, कटहल और मुनगा जैसे बड़े पौधे 200 रुपये में और नीम, इमली, पपीता व आम 50 रु...
घर से शुरू किया छोटा काम, अपनी कमाई से खरीद ली ईको गाड़ी; हेमलता साहू बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
बिलासपुर के सुलौनी गांव की हेमलता साहू ने स्व-सहायता समूह की मदद से घर से छत्तीसगढ़ी उत्पाद बनाकर हर महीने 30 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित की और अपनी कमाई से ईको गाड़ी खरीदी। उनकी कहानी स्वरोजगार का सपना देखने वाली ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई...