चित्तौड़गढ़ में मानसून का जादू: बस्सी का निलिया महादेव बना पर्यटकों का स्वर्ग राजस्थान एक महीने पहले 66
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मानसून की बारिश ने निलिया महादेव झरने को जीवंत कर दिया है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज से पर्यटक और श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट बन गया है।

मानसूनी बारिश से निखरा निलिया महादेव का सौंदर्य

राजस्थान में मानसून के सक्रिय होते ही प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की सुंदरता अपने चरम पर है। चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी इलाके में स्थित निलिया महादेव मंदिर और वहां का प्राकृतिक झरना इस समय पर्यटकों और शिव भक्तों के लिए सबसे आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण अरावली की पहाड़ियों से बहने वाला झरना पूरे वेग के साथ गिर रहा है, जिससे आसपास का पूरा वातावरण हरियाली की चादर में लिपटा हुआ प्रतीत होता है।

पर्यटकों की पहली पसंद बना यह पिकनिक स्पॉट

यह मनोरम दृश्य और सावन का पवित्र महीना होने के कारण, बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव के दर्शन करने और झरने का आनंद लेने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। निलिया महादेव की खासियत यह है कि यहां केवल चित्तौड़गढ़ ही नहीं, बल्कि भीलवाड़ा और आसपास के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों और मित्रों के साथ सप्ताहांत का आनंद लेने आते हैं। यहां आने वाले सैलानियों को धार्मिक आस्था और प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का एक अनोखा संगम देखने को मिलता है।

महाराणा कुंभा के काल की ऐतिहासिक धरोहर

स्थानीय निवासी राम के अनुसार, निलिया महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल है। मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण मेवाड़ के महान शासक महाराणा कुंभा के शासनकाल में हुआ था। मंदिर की वास्तुकला, वहां की नक्काशी और स्थान का बेहद शांत वातावरण श्रद्धालुओं को मानसिक शांति प्रदान करता है। सावन के महीने में यहां दर्शन करने वालों की भारी भीड़ लगी रहती है, जिससे इस प्राचीन मंदिर की महिमा और अधिक बढ़ जाती है।

झरने का जादू और एडवेंचर का मौका

इस स्थान की सबसे बड़ी खासियत यहां का प्राकृतिक जलप्रपात है। अरावली की ऊंची पहाड़ियों से बहता हुआ वर्षा का जल जब पथरीली चट्टानों से होता हुआ नीचे स्थित विशाल कुंड में गिरता है, तो वह नजारा किसी जादू से कम नहीं लगता। घने जंगलों और पहाड़ों के बीच स्थित होने के कारण यह जगह ट्रेकिंग और एडवेंचर के शौकीनों के लिए भी बेहद अनुकूल है। पर्यटक मंदिर के आसपास की ऊबड़-खाबड़ और ऊंची पगडंडियों पर ट्रेकिंग का भरपूर आनंद लेते हैं और अपनी यात्रा को यादगार बनाते हैं।

स्थानीय पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा

बस्सी के इस क्षेत्र में पर्यटकों की लगातार बढ़ती आवाजाही से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने से यहां के स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ मिल रहा है। यदि आप भी सावन की फुहारों के बीच प्रकृति की गोद में कुछ समय बिताना चाहते हैं, तो चित्तौड़गढ़ का निलिया महादेव इस मानसून सीजन में घूमने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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