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एक घंटा पहले
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दुनिया जिन सख्त और खौफनाक माने जाने वाले नेताओं से डरती है, कैमरे के सामने उनका बिल्कुल अलग ही रूप सामने आया। उत्तर कोरिया के दौरे पर पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है। एक कार्यक्रम के दौरान किम ने जिनपिंग के कान में कुछ कहा और चीनी राष्ट्रपति खुलकर हंस पड़े।
किम की बात पर खिलखिला उठे जिनपिंग
जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की मुलाकात हुई तो आम धारणा यही थी कि ये दोनों ताकतवर नेता सिर्फ गंभीर मुद्दों पर बात करेंगे। लेकिन कैमरे के सामने जो नजारा दिखा, वह सबको हैरान कर गया। प्योंगयांग पहुंचे जिनपिंग एक ऐसे सहज और खुशनुमा अंदाज में नजर आए, जो सार्वजनिक रूप से शायद ही कभी देखने को मिलता है। दोनों नेता किसी पुराने घनिष्ठ मित्र की तरह आपस में खिलखिलाते और हंसी-मजाक करते दिखे। एक आयोजन के दौरान जिनपिंग के ठहाके इतने जोरदार थे कि पूरी महफिल गूंज उठी और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।
दुनिया भर में जिन्हें तानाशाह कहा जाता है, वही दोनों नेता जब प्योंगयांग की एक रंगारंग महफिल में एक साथ नजर आए तो उनका रूप बिल्कुल बदला हुआ था।
किस बात पर हंसे चीनी राष्ट्रपति
दरअसल, जिनपिंग के उत्तर कोरिया दौरे की खुशी में किम जोंग उन ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें मंच पर जिमनास्ट अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। स्टंट के बीच-बीच में जिनपिंग जिमनास्ट का हौसला बढ़ाते दिखे और प्रस्तुति पूरी होने पर जमकर तालियां बजाने लगे। इस आयोजन में किम जोंग उन सबसे ज्यादा खुश नजर आ रहे थे, उनसे अपनी हंसी संभाले नहीं संभल रही थी। तभी अचानक उन्होंने जिनपिंग के कान में कुछ ऐसा कहा कि चीनी राष्ट्रपति ठहाका लगाकर हंस पड़े।
शी जिनपिंग को दुनिया भर में एक बेहद सख्त, शांत और भावना न दिखाने वाले नेता के तौर पर जाना जाता है। टीवी पर भी वे हमेशा नपे-तुले अंदाज में बात करते हैं और ऐसा लगता है मानो उनके चेहरे पर कोई भाव ही नहीं हो। लेकिन उत्तर कोरिया की धरती पर कदम रखते ही उनका वह गंभीर और कठोर चेहरा पूरी तरह गायब हो गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे बरसों बाद कोई पुराना दोस्त अपने जिगरी यार से मिला हो और उनके चेहरे की सारी सख्ती पिघल गई हो।
क्यों चिंतित है अमेरिका
यह मुलाकात महज नाच-गाने और हंसी-ठहाकों तक सीमित नहीं थी, इसके पीछे एक बड़ी रणनीति काम कर रही थी। सांस्कृतिक कार्यक्रम से पहले दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर लंबी बातचीत हुई, जिसका मुख्य एजेंडा आपसी आर्थिक संबंधों को तेजी से बढ़ाना और मजबूत करना था। चीन और उत्तर कोरिया मिलकर एक ऐसी व्यूहरचना तैयार कर रहे हैं जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सीधी चुनौती है। दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक लेन-देन को लेकर कई नई बातें तय हुई हैं।
इन दोनों नेताओं की यह केमिस्ट्री पश्चिमी देशों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश लगातार दोनों नेताओं पर नजर बनाए हुए हैं। जब दुनिया के सबसे बड़े कम्युनिस्ट देश का राष्ट्रपति और परमाणु हथियारों से लैस एक शासक इस तरह गर्मजोशी से मिलते और ठहाके लगाते हैं, तो इसे वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा माना जाता है। पश्चिमी देशों को आशंका है कि कहीं ये दोनों मिलकर कोई बड़ी साजिश तो नहीं रच रहे।
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