चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन: 30 साल तक रिश्वतखोरी करने वाले पूर्व अधिकारी को मिली मौत की सजा, जुटाई थी अरबों की संपत्ति विश्व 2 महीने पहले 76
चीन की एक अदालत ने 30 साल तक अपने पद का दुरुपयोग कर करीब 3 हजार करोड़ रुपये की अकूत अवैध संपत्ति बनाने वाले पूर्व स्थानीय अधिकारी यांग यौलिन को मौत की सजा सुनाई है।

चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे कड़े अभियान के तहत एक बहुत बड़ा फैसला सामने आया है। वहां की एक स्थानीय अदालत ने रिश्वतखोरी के बेहद गंभीर मामले में एक पूर्व अधिकारी को मौत की सजा सुनाई है। इस दोषी पूर्व अधिकारी पर आरोप है कि उसने लगभग तीन दशकों तक अपने प्रशासनिक पद का जमकर दुरुपयोग किया और अवैध रूप से अरबों रुपये की काली कमाई जुटाई। सरकारी एजेंसियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अधिकारी ने अपने कार्यकाल के दौरान लगभग 325 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 3 हजार करोड़ रुपये (30 अरब रुपये) की भारी-भरकम बेनामी संपत्ति इकट्ठा कर ली थी। दोषी ठहराए गए इस पूर्व अधिकारी की पहचान यांग यौलिन के रूप में हुई है। वह चीन के पूर्वी तट पर स्थित जियांगसू प्रांत की राजधानी नानजिंग में आर्थिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की देखरेख कर रहा था।

रिश्वत के बदले बांटे सरकारी ठेके और जमीन

इस पूरे मामले पर चांगझोउ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट द्वारा सोमवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यांग यौलिन ने साल 1993 से लेकर साल 2023 तक के तीस सालों के लंबे सफर में लगातार अवैध तरीके अपनाए। इस दौरान उसने करीब 2.21 अरब युआन की नकदी, आलीशान संपत्तियां और कई अन्य तरह की परिसंपत्तियां रिश्वत के रूप में वसूली थीं। यह पूरी राशि लगभग 325 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर बैठती है। अदालत की जांच में यह बात साबित हुई है कि यांग ने विभिन्न निजी लोगों और कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले मोटी रकम ली। उसने सरकारी प्रोजेक्ट दिलाने, कंपनियों के व्यावसायिक कामकाज को आसान बनाने, बेशकीमती जमीन आवंटित कराने और सरकारी फंड मुहैया कराने के एवज में जमकर रिश्वत ली थी।

चीन के इतिहास का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का मामला

न्यायालय ने यांग यौलिन को केवल रिश्वत लेने का ही कसूरवार नहीं माना है, बल्कि उसके खिलाफ कई अन्य गंभीर धाराएं भी साबित हुई हैं। कोर्ट ने उसे सरकारी धन के गबन, दूसरों को रिश्वत देने, अपने पद का घोर दुरुपयोग करने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे संगीन अपराधों के लिए भी पूरी तरह दोषी करार दिया है। हालिया वर्षों में जब्त की गई रिश्वत की इस विशालकाय रकम को देखते हुए इसे चीन के आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े भ्रष्टाचार के मामलों में से एक माना जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान जब कोर्ट में यांग को बोलने का मौका दिया गया, तो उसने अपने अंतिम बयान में अपनी सभी गलतियों और अपराधों को बिना किसी शर्त के स्वीकार कर लिया। उसने अदालत के सामने गहरा पछतावा और गहरा अपराधबोध व्यक्त किया। कोर्ट द्वारा जारी की गई तस्वीरों में सफेद बालों वाले यांग को गहरे रंग की जैकेट पहने हुए दो वर्दीधारी सुरक्षाकर्मियों के बीच खड़े देखा जा सकता है।

मार्च और अप्रैल में चली गहन अदालती सुनवाई

इस चर्चित और संवेदनशील मामले की अदालती कार्यवाही को पूरी तरह पारदर्शी रखने की कोशिश की गई थी। इस केस की सार्वजनिक सुनवाई इस साल मार्च और अप्रैल के महीनों में दो अलग-अलग तारीखों पर आयोजित की गई थी। अदालत द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इन दोनों ही सुनवाई के दौरान समाज के अलग-अलग वर्गों से ताल्लुक रखने वाले 30 से अधिक लोग अदालत कक्ष में प्रत्यक्षदर्शी के रूप में मौजूद थे। अपने अंतिम फैसले में चांगझोउ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने यह कड़ा आदेश भी दिया कि यांग यौलिन की सभी व्यक्तिगत संपत्तियों को तुरंत प्रभाव से जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उसने रिश्वत के तौर पर जो भी अवैध धनराशि और संपत्ति जुटाई थी, उसकी शत-प्रतिशत वसूली की जाए। यांग यौलिन के खिलाफ की गई यह कड़ी कार्रवाई चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग का यह विशेष अभियान पिछले एक दशक से अधिक समय से पूरे चीन में बेहद आक्रामक तरीके से चलाया जा रहा है।

शी जिनपिंग के अभियान में पहले भी मिली हैं मौत की सजाएं

हालांकि, चीन में चल रहे इस व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को लेकर राजनीतिक गलियारों में मतभेद भी देखने को मिलते हैं। इस अभियान के आलोचकों का अक्सर यह आरोप रहता है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग इसका इस्तेमाल अपने राजनीतिक विरोधियों को रास्ते से हटाने और अपनी सत्ता को और मजबूत करने के लिए कर रहे हैं। बहरहाल, चीनी न्यायिक प्रणाली में भ्रष्टाचार के मामलों में इस तरह की सख्त सजाएं मिलना कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल और बेहद वरिष्ठ चीनी अधिकारियों को भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों में मौत की सजा दी जा चुकी है। उदाहरण के तौर पर:

  • साल 2021 में चीन की एक बड़ी सरकारी कंपनी के पूर्व पार्टी सचिव लाई शियाओमिन को बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी, वित्तीय गबन और दो शादियां करने (द्विविवाह) के आरोपों में दोषी पाया गया था। इसके बाद उन्हें मौत की सजा सुनाई गई और बाद में फांसी दे दी गई।
  • इसी प्रकार, साल 2024 में इनर मंगोलिया क्षेत्र के एक और प्रभावशाली सरकारी अधिकारी ली जियानपिंग को भी भारी वित्तीय अनियमितताओं और रिश्वतखोरी का दोषी पाए जाने के बाद मौत की सजा दी गई और उन्हें फांसी पर लटका दिया गया।
साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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