चीन का कमाल: 350 KMPH की रफ्तार से दौड़ती बुलेट ट्रेन, दुर्गम पहाड़ों के बीच आसान हुआ सफर विश्व एक महीने पहले 61
चीन ने अपने हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का विस्तार करते हुए एक नई परियोजना शुरू की है, जिससे शीआन और शियान के बीच की दूरी तय करने में लगने वाला समय काफी कम हो गया है।

चीन की इंजीनियरिंग का नया कारनामा

चीन ने अपनी परिवहन व्यवस्था में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन सेवा का संचालन शुरू कर दिया है। यह ट्रेन 350 KMPH की शानदार रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। इस नई रेल लाइन के शुरू होने से चीन के उत्तर-पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों के बीच संपर्क काफी मजबूत हो गया है। इस परियोजना को चीन के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

शीआन से शियान तक का सफर हुआ आसान

इस बुलेट ट्रेन सेवा की शुरुआत मंगलवार को शीआन ईस्ट रेलवे स्टेशन से ट्रेन G3966 के रवाना होने के साथ हुई। यह नई रेल लाइन शान्शी प्रांत की राजधानी शीआन को हुबेई प्रांत के शियान शहर से आपस में जोड़ती है। इस पूरी रेल लाइन की लंबाई 257 किलोमीटर है। इस मार्ग के चालू होने के बाद से यात्रियों के सफर के समय में भारी कटौती हुई है, जिससे उनका काफी कीमती समय बचेगा।

समय और कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसने दोनों शहरों के बीच की यात्रा अवधि को 6 घंटे से अधिक कम कर दिया है। इसके अलावा, यह नई लाइन पहले से चालू वुहान-शियान हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से भी जुड़ गई है। इसका सीधा फायदा यह हुआ है कि अब यात्री शीआन से वुहान तक का सफर केवल 2 घंटे 41 मिनट में पूरा कर सकते हैं। यह कनेक्टिविटी चीन के विभिन्न औद्योगिक केंद्रों के बीच व्यापार और आवागमन को और अधिक सुलभ बनाएगी।

चुनौतीपूर्ण रास्ता और इंजीनियरिंग

इस रेल परियोजना का मार्ग बेहद कठिन और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है। यह रेल लाइन चिनलिंग पर्वतों और हानजियांग नदी के कठिन इलाकों से होकर गुजरती है। इंजीनियरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसे सुरक्षित और तेज बनाना था, जिसके चलते पूरे रूट का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पुलों और सुरंगों के जरिए तैयार किया गया है। परियोजना के मुख्य डिजाइनर माओ लेई का कहना है कि यह मार्ग एक प्राकृतिक भूवैज्ञानिक संग्रहालय के समान है, जिससे गुजरना निर्माण कार्य के लिए बहुत जटिल था।

लागत और भविष्य की योजना

इस विशाल परियोजना पर काम साल 2021 में शुरू हुआ था। इस पूरी लाइन को तैयार करने में कुल 47.68 अरब युआन खर्च हुए हैं, जो भारतीय मुद्रा के हिसाब से लगभग 66 अरब रुपये होते हैं। चीन आने वाले समय में अपने परिवहन ढांचे को और भी अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। देश की 15वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत हाई-स्पीड रेल, नई सड़कों और अन्य अत्याधुनिक परिवहन परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि देश की कनेक्टिविटी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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