चंडीगढ़ कैशियर हत्याकांड: वारदात के बाद नए कपड़े खरीदे, रास्ता भटके...आखिर कैसे फरार हुए तीनों शूटर?
हरियाणा
एक घंटा पहले
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चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में स्थित कुमार मेडिकर स्टोर के कैशियर जानकी दास (47) की हत्या के मामले में घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। इस सनसनीखेज वारदात ने चंडीगढ़ से लेकर हिमाचल प्रदेश तक हलचल मचा दी है। मामले में तीन आरोपियों को लेकर लगातार नई जानकारियां सामने आ रही हैं।
बिना मास्क कैमरे में कैद हुए तीनों शूटर
अहम बात यह है कि अब शूटरों की बिना मास्क वाली तस्वीरें भी सामने आ गई हैं। तीनों आरोपी एक सीसीटीवी में कैद हुए हैं। वारदात के लिए आरोपियों ने चोरी की बाइक का इस्तेमाल किया था, जिसे चंडीगढ़ की लेजर वैली से बरामद कर लिया गया है। जांच में बाइक का नंबर फर्जी पाया गया है। फिलहाल चंडीगढ़ पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
वारदात के बाद खजेड़ी में खरीदे कपड़े
जानकारी के अनुसार, तीनों शूटरों की एकदम साफ तस्वीर सामने आई है, जिसमें वे चंडीगढ़ के खजेड़ी इलाके की एक गली से निकलते दिख रहे हैं। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने खजेड़ी की एक दुकान से कपड़े खरीदे, उन्हें वहीं पहना और फिर बड़े आराम से दुकान से बाहर निकल गए। इस दौरान वे आपस में बातचीत करते हुए एक तरफ बढ़े, लेकिन अचानक मुड़कर दूसरी दिशा में जाकर फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि तीनों काफी असमंजस में थे और उन्होंने दो बार अपना रास्ता बदला। बदमाशों को इस बात का अंदाजा हो चुका था कि उनकी पूरी वारदात कैमरे में दर्ज हो गई है, इसलिए उन्होंने सेक्टर-43 बस स्टैंड के सामने खजेड़ी की दुकान से कपड़े खरीदे। यहां से वे बस स्टैंड पहुंचे और बस पकड़कर पंजाब की ओर फरार हो गए।
दुकान मालिक से पूछताछ, इलाके में दहशत
पुलिस ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस की मदद से जांच करते हुए उस दुकान तक पहुंची और दुकान मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, दुकान मालिक बेहद डरे हुए हैं और किसी भी तरह की बातचीत से कतरा रहे हैं। आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल है। हैरानी की बात यह है कि कई बार देखा गया है कि गैंगस्टर वारदात को अंजाम देने से पहले सीधे खजेड़ी या इसी इलाके में होटल लेकर रुकते हैं और घटना के बाद फरार हो जाते हैं, जिससे पुलिस की इंटेलिजेंस फेलियर साफ झलकती है।
फिर आई गोल्डी ढिल्लों की धमकी भरी ऑडियो
सेक्टर-11 में हुए गोली कांड के बाद गोल्डी ढिल्लों की एक और ऑडियो सामने आई है। इस ऑडियो में दावा किया गया है कि यह हत्या उसी के इशारे पर कराई गई है और कुमार ब्रदर के पक्ष में कोई न बैठे, चाहे वह कर्मचारी हो या कोई और, सबको निशाना बनाया जाएगा। ऑडियो में यह भी कहा गया कि जो भी लॉरेंस को पैसे देता है, वह सुधर जाए, वरना बदला लिया जाएगा। चंडीगढ़ में लॉरेंस ग्रुप को पैसे देने वाले क्लब संचालकों और कारोबारियों को भी इसका ध्यान रखने की चेतावनी दी गई है।
रिक्शे में डालकर ले जाया गया जानकी दास को
चश्मदीद ने बताया कि जब जानकी दास को गोली लगी तो जल्दबाजी में उन्हें रिक्शे में ही डालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। चश्मदीद के मुताबिक, तीनों बदमाश पुलिस नाके से पहले ही रुक गए थे और वारदात को अंजाम देकर पीछे की ओर भाग निकले। उन्हें मालूम था कि आगे नाका लगा हुआ है, इसी वजह से वे आगे नहीं बढ़े।
कारोबारियों को विदेशी नंबरों से रंगदारी की कॉल
रविवार को सेक्टर-11 में जहां वारदात हुई, वहां मार्केट के दोनों ओर पुलिस ने नाकाबंदी कर दी है और आने-जाने वालों की चेकिंग की जा रही है। शनिवार की घटना और कारोबारियों को दोबारा रंगदारी की कॉल आने के बाद पुलिस ने नाकेबंदी और बढ़ा दी है। सूत्रों की मानें तो चंडीगढ़ के 4 से 5 कारोबारियों को फ्रांस, कनाडा और अन्य विदेशी नंबरों से कॉल कर रंगदारी मांगी गई है। आरोपियों ने दुकानों को बम से उड़ाने की धमकी भी दी है।
कारोबारियों ने तुरंत इसकी सूचना चंडीगढ़ पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें जांच में जुटी हैं। कारोबारियों ने शहर में बढ़ती गैंगस्टर गतिविधियों और रंगदारी के मामलों पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
पंजाब में छापेमारी, प्रशासक की हाई लेवल बैठक
फिलहाल चंडीगढ़ पुलिस की 6 से 7 अलग-अलग विंग की टीमें पंजाब के जिलों में छापेमारी कर रही हैं। चंडीगढ़ पुलिस के साथ-साथ पंजाब पुलिस की विभिन्न विंग, जिनमें स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, केंद्रीय एजेंसियां और काउंटर इंटेलिजेंस शामिल हैं, इस पूरे ऑपरेशन में लगी हुई हैं। फायरिंग की इस घटना के बाद चंडीगढ़ के प्रशासक और पंजाब के गवर्नर गुलाबचंद कटारिया ने सीनियर अधिकारियों के साथ एक हाई लेवल बैठक की, जिसमें कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सख्ती से निपटने और आरोपियों को काबू करने के निर्देश दिए गए।
कौन थे जानकी दास
जानकी दास मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू स्थित दलगांव के रहने वाले थे। वे लंबे समय से मेडिकल स्टोर में कैशियर के रूप में काम कर रहे थे। उनकी पत्नी ईना मच्छरेट ने हाल ही में दलगांव से प्रधान का चुनाव जीता था।
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