UAPA के तहत गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जांच एजेंसियों को अब देना होगा लिखित आधार राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 3
सुप्रीम कोर्ट ने UAPA जैसे सख्त कानूनों के तहत गिरफ्तारी को लेकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है, जिससे केंद्रीय जांच एजेंसियों को अब मनमानी करने से रोका जा सकेगा।

गिरफ्तारी के लिए ठोस आधार अनिवार्य

देश की सर्वोच्च अदालत ने UAPA जैसे कड़े कानूनों के तहत होने वाली गिरफ्तारियों को लेकर एक बेहद अहम टिप्पणी की है। अक्सर देखा जाता है कि देश में कई ऐसे कानून प्रभावी हैं जिनके तहत मामला दर्ज होने के साथ ही जांच एजेंसियों को सीधे तौर पर आरोपी को गिरफ्तार करने का अधिकार मिल जाता है। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि CBI और NIA जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियां अपनी मर्जी से किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर सकती हैं।

लिखित में देनी होगी वजह

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को गिरफ्तारी का आधार लिखित में बताना होगा। यह फैसला संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोर्ट ने जांच एजेंसियों को संविधान का पाठ पढ़ाते हुए जोर दिया है कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। बिना उचित कानूनी आधार और लिखित विवरण के किसी भी व्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन नहीं किया जा सकता है। अब एजेंसियों को अपनी कार्रवाई के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करना होगा, ताकि किसी भी तरह के अधिकारों का उल्लंघन न हो।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप