राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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धनतेरस के पावन अवसर पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को एक विशेष संदेश देते हुए बेहतर स्वास्थ्य और आरोग्य का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इस पर्व पर भौतिक संपत्ति खरीदने के साथ-साथ परिवार के स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि धनतेरस केवल सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं या भौतिक वस्तुओं में निवेश करने का ही दिन नहीं है, बल्कि यह अपने और अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य को संवारने का सबसे उपयुक्त समय है।
आयुर्वेद और निवारक स्वास्थ्य देखभाल की अहमियत
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने आयुर्वेद की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की मूल भावना केवल बीमारियों का इलाज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य को बनाए रखने और बीमारियों से बचाव यानी निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर बहुत अधिक बल देता है। उन्होंने बताया कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल हर व्यक्ति और परिवार के समग्र कल्याण के लिए बेहद आवश्यक है।
अपने इस संदेश में प्रधानमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रतापराव जाधव ने इस बात को विस्तार से रेखांकित किया है कि आयुर्वेद किस प्रकार स्वास्थ्य के संरक्षण पर जोर देता है और जीवन में निवारक स्वास्थ्य देखभाल क्यों आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने परिवारों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में अच्छी और स्वस्थ आदतों का समावेश करें।
दैनिक जीवन शैली में अपनाएं ये आदतें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अच्छी जीवनशैली अपनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि दैनिक दिनचर्या में छोटी-छोटी स्वस्थ आदतों को शामिल कर लिया जाए, तो लंबे समय में इसके सकारात्मक और बेहतर परिणाम सामने आते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जिन प्रमुख आदतों को अपनाने की सलाह दी, उनमें निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- संतुलित एवं सजग भोजन: अपने दैनिक आहार में पौष्टिक, संतुलित और जागरूक खानपान को प्राथमिकता देना।
- नियमित योगाभ्यास: शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना योग और शारीरिक अभ्यास करना।
- पर्याप्त नींद और आराम: मानसिक एवं शारीरिक थकान को दूर करने के लिए पूरी नींद लेना और उचित विश्राम करना।
- समय पर स्वास्थ्य जांच: किसी भी बीमारी से पहले ही सतर्क रहने के लिए नियमित समय अंतराल पर हेल्थ चेक-अप कराना।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य में निवेश करना किसी भी परिवार के लिए सबसे कीमती और अमूल्य निवेश होता है। आज के समय में अपनाई गई अच्छी और स्वस्थ जीवनशैली की आदतें आने वाले वर्षों में पूरे परिवार को निरोगी और सुरक्षित रखने में मददगार साबित होंगी।
भौतिक संपत्ति से परे स्वास्थ्य और मानसिक सुख-समृद्धि
इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी एक संदेश जारी किया गया। संदेश में कहा गया कि धनतेरस का पर्व केवल भौतिक धन-दौलत बढ़ाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य, शारीरिक कल्याण और मानसिक सुख-समृद्धि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराने का उपयुक्त अवसर है।
वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने भी धनतेरस के अवसर पर देश के सभी परिवारों से अपने स्वास्थ्य को पहली प्राथमिकता देने का आग्रह किया। प्राचीन श्लोक 'शुभं करोति कल्याणम्, आरोग्यं धन-संपदा' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आरोग्य ही सबसे बड़ी संपदा है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ भारत' और 'विकसित भारत 2047' के विजन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आवश्यक है कि लोग धनतेरस के दिन भौतिक संपत्तियों के साथ-साथ अपने परिवार के स्वास्थ्य में भी निवेश करें। प्रतापराव जाधव ने इस बात पर विशेष बल दिया कि स्वस्थ परिवार ही एक समृद्ध समाज और विकसित राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव होते हैं, इसलिए धनतेरस पर स्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति मानकर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।
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