अमेरिका में नित्या रमन का बड़ा सियासी कमाल, लॉस एंजिलिस की मेयर बन रचा इतिहास विश्व एक घंटा पहले 7
केरल में जन्मी नित्या रमन ने लॉस एंजिलिस के मेयर चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की है। इस चुनाव में एलन मस्क का चुनावी दांव भी पूरी तरह विफल साबित हुआ है।

लॉस एंजिलिस में भारतीय मूल की नित्या रमन की ऐतिहासिक जीत

अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजिलिस में हुए मेयर चुनाव ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस चुनावी मुकाबले में केरल मूल की नित्या रमन ने जीत का परचम लहराया है। डेसीजन डेस्क एचक्यू के आंकड़ों और प्रोजेक्शन के मुताबिक, नित्या रमन ने मौजूदा मेयर करेन बास को मात देकर ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। चुनाव के उपलब्ध आंकड़ों पर नजर डालें तो नित्या रमन को 51.1 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि करेन बास को 48.33 प्रतिशत मतदाताओं का समर्थन प्राप्त हुआ।

दिलचस्प बात यह है कि चुनाव के शुरुआती रुझानों और मंगलवार रात की मतगणना में करेन बास आगे चल रही थीं। हालांकि, जैसे ही बुधवार को नए वोटों के आंकड़े सामने आए, नित्या रमन ने तेजी से बढ़त बनानी शुरू कर दी। 5 नवंबर को डेसीजन डेस्क एचक्यू ने उनके जीतने का अनुमान जारी किया, जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि लॉस एंजिलिस को अपना नया मेयर मिल गया है। यह जीत इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि साल 2005 के बाद से यह पहली बार है जब किसी चैलेंजर उम्मीदवार ने पद पर बैठे मेयर को चुनाव में हराया है।

नित्या रमन का सफर और उनका करियर

नित्या रमन का जन्म साल 1981 में केरल में हुआ था। वह महज छह साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका चली गई थीं। 22 साल की उम्र में उन्हें अमेरिकी नागरिकता हासिल हुई। अपनी शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर रहीं नित्या ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की और उसके बाद मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से शहरी नियोजन यानी अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।

राजनीति के मैदान में उतरने से पहले उन्होंने कई सामाजिक संस्थाओं के साथ काम किया। उन्होंने भारत के चेन्नई में 'ट्रांसपेरेंट चेन्नई' नाम की एक संस्था शुरू की थी, जिसका मकसद सार्वजनिक सेवाओं और शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाना था। साल 2013 में लॉस एंजिलिस स्थानांतरित होने के बाद उन्होंने वहां के प्रशासनिक तंत्र के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने बेघर लोगों की मदद के लिए 'सेलाह नेबरहुड होमलेस कोलिशन' की सह-स्थापना की। इसके अलावा, वह 'टाइम्स अप एंटरटेनमेंट' की कार्यकारी निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।

साल 2020 में नित्या रमन ने लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उस जीत के साथ वह शहर की काउंसिल में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बनीं। साल 2024 में उन्हें एक बार फिर जनता का भारी समर्थन मिला और वह दोबारा चुनी गईं। अब मेयर बनने के बाद, वह लॉस एंजिलिस की पहली भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई मूल की मेयर बनने का गौरव हासिल करने जा रही हैं।

शहर के विकास के लिए रमन का एजेंडा

नित्या रमन की राजनीति का मुख्य आधार आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां रही हैं। उनके चुनावी एजेंडे में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे शामिल थे:

  • किफायती और सस्ते आवास का निर्माण करना।
  • किरायेदारों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना।
  • शहर में बेघर लोगों की बढ़ती संख्या के लिए ठोस समाधान और सेवाएं।
  • सड़कें, स्ट्रीट लाइट और बुनियादी नागरिक सुविधाओं का आधुनिकीकरण।

लॉस एंजिलिस जैसे महंगे शहर में जहां बड़ी आबादी सड़कों पर रहने को मजबूर है, रमन ने उन तक बुनियादी सेवाएं पहुँचाने और सस्ते घरों की उपलब्धता बढ़ाने का वादा किया है। उनकी इस जीत को अमेरिका के प्रमुख शहरों में प्रगतिशील राजनीति के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी की जीत के बाद नित्या रमन का चुना जाना इस बात का संकेत है कि अमेरिकी मतदाता अब बुनियादी और जन-कल्याणकारी नीतियों की ओर झुक रहे हैं। नित्या रमन डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका (DSA) से जुड़ी रही हैं, जो आवास, स्वास्थ्य और श्रमिकों के अधिकारों में सरकार की सक्रिय भूमिका का समर्थन करते हैं।

एलन मस्क का चुनावी दांव और झटका

नित्या रमन की जीत के साथ ही अरबपति एलन मस्क के चुनावी दांव की भी खूब चर्चा हो रही है। इस चुनाव में एलन मस्क का प्रभाव पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में 44.5 से 47.4 करोड़ डॉलर की बड़ी धनराशि खर्च की थी। यह किसी गैर-उम्मीदवार की ओर से एक चुनावी चक्र में किया गया अब तक का सबसे बड़ा खर्च बताया गया है। इसमें से एक बड़ा हिस्सा, यानी करीब 20 से 23 करोड़ डॉलर, अकेले टेक्सास सीनेट चुनाव पर खर्च किया गया था।

हालाँकि, मस्क के कई बड़े चुनावी दांव उनके काम नहीं आए। चुनावी नतीजों के बाद एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर मजाकिया लहजे में टिप्पणी करते हुए लिखा कि 'लगता है इस बार चुनाव में दखल देने वाली मेरी स्पेस लेजर काम नहीं आईं'। चुनावी नतीजों के बाद टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई और मस्क की कुल संपत्ति में भी कमी आई है।

अब टेक्सास में मस्क की कंपनियों के व्यावसायिक हितों पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। वहां की नई डेमोक्रेटिक गवर्नर जीना हिनोजोसा डेटा सेंटरों पर अस्थायी रोक लगाने की बात कर रही हैं। साथ ही, राज्य में कंपनियों को मिलने वाली टैक्स छूट और स्टारलिंक को दिए गए अनुदान की भविष्य में जांच की संभावना भी जताई जा रही है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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