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एक घंटा पहले
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विचारों
बॉलीवुड अभिनेत्री उपासना सिंह जब जोधपुर पहुंचीं तो उन्होंने राजस्थान को अपने जीवन का बेहद खास हिस्सा बताया। उनका कहना था कि इसी धरती से उनके अभिनय सफर की नींव पड़ी थी और यहां आकर ऐसा महसूस होता है मानो वे अपने घर लौट आई हों।
राजस्थान से जुड़ी अभिनय यात्रा की शुरुआत
उपासना ने बताया कि उनके करियर की पहली मजबूत सीढ़ी राजस्थानी फिल्म ‘बाई चाली सासरिए’ रही, जिसने उनके अभिनय जीवन को ठोस आधार दिया। उन्होंने इस राज्य को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि अभिनय की दुनिया में उनका पहला कदम यहीं से उठा था।
क्षेत्रीय सिनेमा पर खुलकर बात
अभिनेत्री ने क्षेत्रीय सिनेमा की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आज भी भारतीय संस्कृति, आपसी रिश्तों और पारिवारिक मूल्यों को जीवंत रूप में दर्शकों के सामने रखता है। उनके अनुसार यही खूबी क्षेत्रीय फिल्मों को विशेष पहचान देती है।
लोगों का प्यार सबसे बड़ी पूंजी
उपासना ने राजस्थान के लोगों से मिले स्नेह और सम्मान को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी कमाई करार दिया। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का अपनापन ही उनकी असली ताकत है।
बेटे नानक के भविष्य पर भरोसा
बातचीत के दौरान उन्होंने अपने बेटे नानक के करियर का भी जिक्र किया और उसके उज्ज्वल भविष्य को लेकर पूरा विश्वास जताया।
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