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एक घंटा पहले
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बॉलीवुड के लंबे सफर में अनगिनत फिल्में आईं, जिनमें से कुछ ने कमाई के रिकॉर्ड बनाए तो कुछ पर पुरस्कारों की बौछार हुई। लेकिन एक फिल्म ऐसी भी रही, जिसने अपने नाम एक ऐसा कीर्तिमान दर्ज कराया जिसे 26 साल बीत जाने के बाद भी कोई दूसरी फिल्म नहीं तोड़ सकी। इस फिल्म ने कुल 92 अवॉर्ड जीतकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपनी जगह पक्की की थी।
रिकॉर्ड तोड़ फिल्मों की चर्चा और एक अनोखा नाम
जब भी हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर या रिकॉर्ड तोड़ फिल्मों की बात होती है, तो जेहन में 'शोले', 'जंजीर', 'हम आपके हैं कौन' या 'दंगल' जैसे नाम कौंध जाते हैं। मगर हिंदी सिनेमा के इतिहास का एक बेहद खास रिकॉर्ड किसी और फिल्म के खाते में दर्ज है। इस अकेली फिल्म ने कुल 92 अवॉर्ड्स अपने नाम किए, और यह आज तक एक अटूट कीर्तिमान बना हुआ है जिसे कोई हिला तक नहीं सका।
बाप-बेटे की जोड़ी का जलवा
बॉलीवुड में पिता-पुत्र की जोड़ियों ने हमेशा सिनेमा पर अपनी छाप छोड़ी है। राज कपूर, ऋषि कपूर और रणबीर कपूर से लेकर धर्मेंद्र, सनी देओल और बॉबी देओल तक कई नाम इसकी मिसाल हैं। लेकिन एक बाप-बेटे की जोड़ी ने ऐसी म्यूजिकल रोमांटिक-थ्रिलर रची, जो ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई। यह फिल्म कोई और नहीं, बल्कि साल 2000 में रिलीज हुई 'कहो ना... प्यार है' थी।
इस फिल्म को बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक राकेश रोशन ने बनाया था और इसी के जरिए उन्होंने अपने बेटे ऋतिक रोशन को फिल्मी दुनिया में उतारा। रिलीज होते ही इस जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तहलका मचाया कि रातों-रात इतिहास रच दिया। इसी फिल्म से अमीषा पटेल ने भी पहली बार बड़े पर्दे पर कदम रखा।
फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी रोहित और सोनिया के प्रेम के इर्द-गिर्द बुनी गई है। रोहित एक साधारण मगर प्रतिभाशाली युवक है और दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगते हैं। तभी अचानक रोहित की मौत हो जाती है। इसके बाद कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है, जब सोनिया की मुलाकात रोहित जैसे दिखने वाले राज से होती है। यहीं से सस्पेंस, रोमांस और एक्शन से भरा एक नया सफर शुरू होता है।
बजट से कई गुना कमाई
10 करोड़ की लागत में बनी इस फिल्म ने अपनी लागत से चार गुना से भी ज्यादा कमाई की। फिल्म ने 44 करोड़ से अधिक की कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया। इसके गाने भी जबरदस्त हिट रहे। 'एक पल का जीना', 'ना तुम जानो ना हम' और टाइटल ट्रैक आज भी लोगों की जुबान पर हैं। संगीत ने फिल्म की लोकप्रियता को कई गुना बढ़ा दिया, जिसकी बदौलत इसे बॉक्स ऑफिस पर 'ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर' का दर्जा मिला।
लीड एक्ट्रेस को लेकर बड़ा बदलाव
शुरुआत में फिल्म की हीरोइन के तौर पर करीना कपूर को चुना गया था। शूटिंग की सारी तैयारियां और सेट तक तैयार हो चुके थे। लेकिन शूटिंग शुरू होने से ठीक तीन दिन पहले राकेश रोशन और करीना की मां बबीता के बीच कुछ मतभेद पैदा हो गए। हालात ऐसे बिगड़े कि करीना ने फिल्म छोड़ने का फैसला कर लिया। इसके बाद राकेश रोशन के सामने नई अभिनेत्री खोजने की चुनौती आ खड़ी हुई। उन्होंने तुरंत फैसला लेते हुए अमीषा पटेल को लीड एक्ट्रेस के रूप में फिल्म में कास्ट कर लॉन्च किया।
गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम
साल 2002 में इस फिल्म को बहुत बड़ा सम्मान मिला। एक ही कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा 92 अवॉर्ड्स जीतने के लिए इसका नाम 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में शामिल किया गया। आज तक कोई भी बॉलीवुड फिल्म इस रिकॉर्ड के आस-पास तक नहीं फटक पाई है। इस फिल्म से डेब्यू करने वाले अभिनेता रातों-रात देश के सबसे बड़े सुपरस्टार बन गए। रिलीज के बाद लड़कियों के बीच उनकी दीवानगी इस कदर बढ़ी कि वैलेंटाइन डे पर उन्हें हजारों की संख्या में शादी के प्रपोजल मिले।
अवॉर्ड शो में दबदबा
फिल्म ने कई बड़े अवॉर्ड समारोहों में अपना दबदबा कायम रखा। ऋतिक रोशन को बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला, जबकि राकेश रोशन को बेस्ट फिल्म का सम्मान दिया गया। राजेश रोशन ने बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का खिताब जीता, वहीं लकी अली को बेस्ट प्लेबैक सिंगर चुना गया। इसके अलावा रवि कपूर और हनी ईरानी को बेस्ट स्क्रीनप्ले का पुरस्कार मिला।
घर गिरवी रखकर पूरा किया विजन
'कहो ना... प्यार है' को भव्यता देने के लिए राकेश रोशन ने बड़ा जोखिम उठाया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि फिल्म को लेकर उनका विजन बहुत बड़ा था और वह क्राबी आइलैंड, न्यूजीलैंड जैसी अनदेखी लोकेशंस पर शूटिंग करना चाहते थे। बजट बढ़ता गया तो उन्होंने अपना घर तक गिरवी रख दिया।
राकेश रोशन ने यह भी बताया कि एक गाने की शूटिंग के लिए उन्होंने सिंगापुर में एक शिप बुक किया, मगर बाद में पता चला कि वह असल में ग्रीस में है। इसके बाद वह ग्रीस पहुंचे, शिप का पूरा किराया चुकाया और 150 लोगों की टीम के साथ सिंगापुर-थाईलैंड जाकर शूटिंग पूरी की।
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