‘जब वी मेट’ से ‘तमाशा’ तक: इम्तियाज अली के किरदार आखिर घर छोड़कर क्यों निकल पड़ते हैं? जानिए डायरेक्टर का सबसे बड़ा राज मनोरंजन एक घंटा पहले 2
इम्तियाज अली के जन्मदिन पर एक नजर उस खास बात पर, जो उनकी फिल्मों को यादगार बनाती है — आखिर क्यों उनके ज्यादातर किरदार घर छोड़कर सफर पर निकल पड़ते हैं।

इम्तियाज अली बॉलीवुड के उन गिने-चुने निर्देशकों में शुमार हैं, जिनकी फिल्मों के किरदार दर्शकों के जेहन में हमेशा के लिए बस जाते हैं। एक बार जो इन किरदारों से रूबरू हो जाए, वह चाहकर भी इन्हें भुला नहीं पाता। यही उनकी फिल्ममेकिंग का असली जादू है।

आम इंसान, जिनसे हर कोई जुड़ जाता है

उनकी फिल्मों के किरदार कोई असाधारण हीरो नहीं, बल्कि हमारे-आपके जैसे ही साधारण लोग होते हैं। ये लोग अपनी जिंदगी में किसी न किसी उलझन से जूझते दिखाई देते हैं। खास बात यह है कि इम्तियाज इन उलझनों को पर्दे पर इतनी खूबसूरती और संजीदगी से उतारते हैं कि दर्शक खुद को उन किरदारों में देखने लगता है और उनसे एक गहरा रिश्ता महसूस करता है।

जन्मदिन का खास मौका

आज, यानी 16 जून को इम्तियाज अली अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उनकी फिल्मों की एक ऐसी खासियत पर नजर डालना दिलचस्प होगा, जो उनकी लगभग हर कहानी में दोहराई जाती है।

घर छोड़कर निकल पड़ने वाले किरदार

‘जब वी मेट’ से लेकर ‘तमाशा’ तक, गौर करें तो उनकी फिल्मों के ज्यादातर किरदार अपने घर को पीछे छोड़कर किसी न किसी सफर पर निकल पड़ते हैं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि उनकी कहानी कहने की एक सोची-समझी शैली है। आखिर इसके पीछे क्या तर्क छिपा है, यही इस निर्देशक का सबसे बड़ा राज माना जाता है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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