राम गोपाल वर्मा की पसंदीदा अभिनेत्री अंतरा माली का सफर, करियर के शिखर पर अचानक बॉलीवुड से हो गईं गायब मनोरंजन 2 महीने पहले 79
एक समय में मशहूर निर्देशक राम गोपाल वर्मा की फिल्मों की पहचान रहीं अंतरा माली ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता था, लेकिन करियर के चरम पर उन्होंने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया। आज हम आपको उनके फिल्मी सफर और अचानक गुमनाम हो जाने की कहानी के बारे में बता रहे हैं।

बॉलीवुड में एंट्री और शुरुआती संघर्ष

1 जुलाई 1975 को मुंबई में जन्मीं अंतरा माली का फिल्मी दुनिया से गहरा नाता रहा है। वे प्रसिद्ध फोटोग्राफर जगदीश माली की बेटी हैं। हालांकि, उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वे एक दिन अभिनय की दुनिया में अपना नाम कमाएंगी। अंतरा ने साल 1998 में फिल्म ढूंढते रह जाओगे के जरिए बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखा था। यद्यपि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा जादू नहीं चला सकी, लेकिन इस फिल्म ने अंतरा के लिए अभिनय के दरवाजे खोल दिए।

राम गोपाल वर्मा के साथ गहरा जुड़ाव

अंतरा माली के करियर को असली उड़ान साल 1999 में मिली, जब वे निर्देशक राम गोपाल वर्मा की फिल्म मस्त में नजर आईं। यह फिल्म उनके करियर के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हुई। इसके बाद तो राम गोपाल वर्मा की फिल्मों में अंतरा माली का चेहरा एक मुख्य हिस्सा बन गया। वे अपने किरदारों को निभाने के लिए किसी किताबी तैयारी के बजाय उन्हें गहराई से महसूस करने में भरोसा रखती थीं। उनकी यही सहजता उन्हें अन्य अभिनेत्रियों से अलग खड़ा करती थी।

कई यादगार फिल्मों में निभाया दमदार रोल

अंतरा माली ने अपने करियर के दौरान रोड, कंपनी, डरना मना है, गायब और नाच जैसी कई फिल्मों में अपने अभिनय का प्रदर्शन किया। फिल्म नाच में उन्हें अभिषेक बच्चन के साथ स्क्रीन साझा करते देखा गया था। उन्होंने उस दौर के कई बड़े सितारों के साथ काम किया, हालांकि वे उस स्टारडम को हासिल नहीं कर सकीं, जिसकी उम्मीद उनसे लगातार की जा रही थी। इसके बावजूद, उनका काम दर्शकों और समीक्षकों के बीच चर्चा का विषय बना रहता था।

माधुरी दीक्षित की कार्बन कॉपी के रूप में पहचान

वर्ष 2003 में आई उनकी फिल्म मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं उनके करियर की सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में अंतरा ने माधुरी दीक्षित की एक ऐसी प्रशंसक का किरदार निभाया था, जो खुद को उन्हीं की तरह ढालना चाहती थी। इस फिल्म में उनके अभिनय की जमकर प्रशंसा हुई। फिल्म में उनके डांसिंग स्टाइल और माधुरी दीक्षित की तरह दिखने की कोशिश ने उन्हें माधुरी दीक्षित की कार्बन कॉपी के तौर पर मशहूर कर दिया।

निर्देशन में हाथ आजमाना और अचानक दूरी

साल 2005 में अंतरा ने अपनी प्रतिभा को केवल एक्टिंग तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने फिल्म मिस्टर या मिस के लेखन और निर्देशन में भी अपनी किस्मत आजमाई। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह विफल रही। इस असफलता के कुछ समय बाद ही अंतरा ने अचानक बॉलीवुड से दूरी बना ली। अपने इस चौंकाने वाले फैसले पर अंतरा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने कभी भी अपनी जिंदगी को किसी योजना के तहत नहीं जिया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें लगा कि वे वह काम नहीं कर पा रही हैं जो वास्तव में उन्हें संतुष्टि दे सके, तो उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से हटना ही बेहतर समझा।

एक अनोखी वापसी और वर्तमान स्थिति

इंडस्ट्री से लंबे अंतराल के बाद, अंतरा माली ने साल 2010 में अमोल पालेकर की फिल्म ...एंड वन्स अगेन के साथ वापसी की। इस फिल्म में उन्होंने एक भिक्षु की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाई थी और इस किरदार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपना सिर तक मुंडवा लिया था। हालांकि, यह वापसी भी लंबी नहीं चली और वे फिर से फिल्मों से दूर हो गईं। आज अंतरा माली बड़े पर्दे की चकाचौंध से कोसों दूर हैं, लेकिन उनके द्वारा निभाए गए अलग तरह के किरदार और माधुरी दीक्षित के अंदाज में उनका नृत्य आज भी प्रशंसकों की यादों में जिंदा है।

आन्या कपूर पाबना के मनोरंजन रिपोर्टर हैं, जो बॉलीवुड, ओटीटी और टेलीविजन की खबरें कवर करते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज, सेलिब्रिटी और बॉक्स ऑफिस पर उनकी पैनी नजर रहती है। वे मनोरंजन जगत की हलचल को रोचक अंदाज में दर्शकों तक लाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप