'ये फिल्म नहीं चलेगी' — जब जावेद अख्तर ने 'लगान' की स्क्रिप्ट को बताया था बेहद कमजोर, आमिर को दी थी फ्लॉप होने की चेतावनी मनोरंजन एक घंटा पहले 2
आमिर खान प्रोडक्शंस के 25 साल पूरे होने पर आयोजित इवेंट में जावेद अख्तर ने खुलासा किया कि शुरुआत में उन्हें 'लगान' की स्क्रिप्ट बेहद खराब लगी थी और उन्होंने आमिर को इस फिल्म के पिटने की चेतावनी तक दे दी थी।

आमिर खान प्रोडक्शंस के 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक विशेष आयोजन में मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने 'लगान' से जुड़ा एक रोचक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार इस फिल्म की कहानी सुनी थी, तो उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आई और उन्होंने आमिर को साफ चेतावनी भी दे दी थी। हालांकि आमिर का अपनी फिल्म पर भरोसा डगमगाया नहीं।

जावेद अख्तर के मुताबिक, कहानी सुनते ही उन्हें लगा था कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह नाकाम होगी। स्क्रिप्ट उन्हें बेहद कमजोर लगी थी और फिल्म को लेकर उनके मन में तमाम आशंकाएं थीं। लेकिन आमिर खान पूरी तरह आश्वस्त थे, और आगे चलकर 'लगान' ने रिलीज होने के बाद तारीफों के सारे कीर्तिमान तोड़ दिए और साल 2001 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शुमार हो गई।

जब जावेद अख्तर ने दी थी चेतावनी

इस मौके पर जावेद अख्तर ने कहा कि 'लगान' ने उस दौर की फिल्म इंडस्ट्री की कई पुरानी धारणाओं और सोच को ध्वस्त कर दिया था। उनके अनुसार, उन दिनों यह माना जाता था कि दर्शक धोती पहनने वाले हीरो को पसंद नहीं करते, पीरियड ड्रामा का जमाना बीत चुका है और क्रिकेट फिल्म के लिए बहुत धीमा खेल है।

आमिर खान से हुई अपनी बातचीत को याद करते हुए जावेद अख्तर ने कहा—"मैंने कहा, 'तुम क्या कर रहे हो? जो फिल्म तुम बना रहे हो, वो बिल्कुल नहीं चलेगी। इसकी स्क्रिप्ट बहुत खराब है।' मतलब, जो चीजें फिल्म में नहीं होनी चाहिए, वो सब इसमें हैं। लोग कहते हैं कि अब धोती पहनने वाले हीरो की फिल्में नहीं चलतीं, जमाना बदल गया है। हमने तो गब्बर सिंह को भी धोती नहीं पहनने दी थी। लोग कहते हैं पीरियड फिल्में नहीं चलतीं, और तुम पीरियड फिल्म बना रहे हो। लोग कहते हैं क्रिकेट बिल्कुल भी सिनेमैटिक नहीं है, बहुत धीमा खेल है।"

बारिश के दृश्य और गानों की चुनौती

जावेद अख्तर ने मजाकिया लहजे में यह भी बताया कि बारिश और मैच के सस्पेंस से भरी इस कहानी में गाने लिखना उनके लिए कितनी बड़ी चुनौती थी। हंसते हुए उन्होंने कहा, "तुम्हारी फिल्म में गानों की सिचुएशन क्या है? पहली सिचुएशन- बारिश होने वाली है। दूसरी- शायद बारिश हो जाए। तीसरी- कब बारिश होगी? चौथी- अगर बारिश नहीं हुई तो? ये हैं तुम्हारी सिचुएशन। अब मैं इसमें गाने क्या लिखूं?"

आमिर का भरोसा और रचा गया इतिहास

इतनी आशंकाओं और चेतावनियों के बावजूद आमिर खान अपने इस प्रोजेक्ट को लेकर पूरी तरह आत्मविश्वास से भरे हुए थे। जावेद अख्तर ने याद करते हुए कहा, "लेकिन आमिर पर इन बातों का कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने मुझसे कहा, 'नहीं, तुम देखना, ये फिल्म बहुत अच्छी बनेगी।' उनके जाने के बाद मैंने अपने एक दोस्त से कहा था कि देखना, ये फिल्म नहीं चलेगी। लेकिन मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता था- मुझे गाने लिखने के लिए साइन किया गया था, मैं अपना काम अच्छे से करूंगा। वो लोग जो कर रहे हैं, करने दो।"

आखिरकार आमिर खान का यह भरोसा रंग लाया और 'लगान' भारतीय सिनेमा की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में शामिल हो गई। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी पहचान मिली और यह ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुई। फिल्म के गीत जैसे 'ओ पालनहारे', 'घनन घनन', 'मितवा' और 'राधा कैसे न जले' आज भी दर्शकों के ऑल-टाइम फेवरेट बने हुए हैं।

गौरतलब है कि फिल्म के 25 साल पूरे होने पर जून 2026 में इसे थिएटर्स में भव्य तरीके से दोबारा रिलीज किया जा रहा है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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