बर्धमान उत्तर सीट पर मतगणना में गड़बड़ी का दावा, भाजपा प्रत्याशी संजय दास ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा पश्चिम बंगाल 4 महीने पहले 141
बर्धमान उत्तर विधानसभा सीट की मतगणना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए भाजपा उम्मीदवार संजय दास कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचे हैं, जहां उनकी पुनर्गणना याचिका स्वीकार कर ली गई है और सुनवाई 26 जून 2026 को होगी।

पूर्व बर्धमान: पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले की बर्धमान उत्तर विधानसभा सीट की मतगणना को लेकर एक बड़ा कानूनी और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव परिणाम में पारदर्शिता न बरते जाने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार संजय दास ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। अदालत द्वारा उनकी पुनर्गणना संबंधी याचिका को स्वीकार कर लिए जाने के बाद से राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है।

मंगलवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत में संजय दास ने मतगणना प्रक्रिया के संचालन पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना वाले दिन यानी 4 मई को रिटर्निंग ऑफिसर अमूल्य चंद्र सरकार ने जानबूझकर चुनावी नियमों की अनदेखी की और गिनती की प्रक्रिया में गड़बड़ी की। दास के मुताबिक, शुरुआती पांच राउंड की गिनती पूरी होने के बाद बिना किसी स्पष्ट तकनीकी वजह के मतगणना को काफी देर तक रोके रखा गया। उनका सबसे बड़ा दावा यह है कि इस सीट के लिए तय 16 राउंड के बजाय महज 12 राउंड की गिनती के बाद ही एकतरफा नतीजा घोषित कर दिया गया। दास का कहना है कि उन्होंने इस कथित अनियमितता पर आपत्ति भी जताई थी, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई और उल्टे उन्हें मतगणना केंद्र के काउंटर से हटा दिया गया।

सीसीटीवी फुटेज से उजागर होगा सच

पूरी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए संजय दास ने अदालत से वोटों की दोबारा गिनती कराने की मांग की है। न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्र के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे और यदि माननीय हाईकोर्ट उन फुटेज की निष्पक्ष जांच का आदेश देता है, तो मतगणना वाले दिन की पूरी हकीकत और प्रशासनिक गड़बड़ी जनता के सामने आ जाएगी।

26 जून की सुनवाई पर टिकीं सबकी निगाहें

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट संजय दास की याचिका को स्वीकार कर चुका है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई 26 जून 2026 को होनी है। सुनवाई पर जिले के मतदाताओं के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों की निगाहें भी टिकी हुई हैं। हालांकि इस मुद्दे पर अब तक न तो चुनाव आयोग और न ही जिला प्रशासन के अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है। ऐसे में मामले की असल स्थिति अदालत की आगामी सुनवाई के बाद ही साफ हो सकेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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