बारिश में सांपों का घरों में आना क्यों बढ़ जाता है? रेस्क्यू एक्सपर्ट अजीता पांडे ने दिए बचाव के जरूरी टिप्स छत्तीसगढ़ एक महीने पहले 50
बरसात के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भर जाने के कारण वे सुरक्षित ठिकानों की तलाश में रिहायशी इलाकों की तरफ रुख करते हैं। बिलासपुर की रेस्क्यू एक्सपर्ट अजीता पांडे ने सांपों को घर से दूर रखने के लिए महत्वपूर्ण सावधानियां साझा की हैं।

मानसून और सांपों का घरों की ओर रुख

जैसे ही बारिश का मौसम आता है, सांपों के दिखने और घरों में घुसने की घटनाओं में अचानक इजाफा देखने को मिलता है। इस विषय पर बिलासपुर की जानी-मानी रेस्क्यू एक्सपर्ट अजीता पांडे ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि निरंतर होने वाली वर्षा के चलते सांपों के प्राकृतिक आवास और उनके बिल पानी से लबालब भर जाते हैं। ऐसी स्थिति में, जीवित रहने और खुद को सुरक्षित रखने के लिए सांप सूखी और सुरक्षित जगहों की तलाश में बाहर निकलते हैं। इस दौरान उन्हें रिहायशी इलाके, खासकर घरों के आसपास के शांत और अंधेरे कोने बेहद सुरक्षित महसूस होते हैं, जिसके कारण वे अक्सर इंसानी बस्तियों की ओर खिंचे चले आते हैं।

छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले प्रमुख जहरीले सांप

छत्तीसगढ़ के संदर्भ में बात करें तो यहां कई प्रकार के खतरनाक सांपों का बसेरा है। इनमें कोबरा (जिसे स्थानीय भाषा में गौहा डोमी कहा जाता है), करैत, घोड़ा करैत, अहिराज और वाइपर स्नेक (जदर्रा) शामिल हैं। ये सांप अत्यधिक जहरीले होते हैं, इसलिए घरों के आसपास इनके आने से डर का माहौल बनना स्वाभाविक है।

क्यों बनते हैं घर सांपों के लिए सुरक्षित ठिकाने?

अजीता पांडे के अनुसार, सांपों का घरों की ओर आने का केवल एक कारण पानी ही नहीं है, बल्कि घरों के आसपास मौजूद कुछ परिस्थितियां भी उन्हें आकर्षित करती हैं। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • कबाड़ और ढेर: घरों के आसपास लंबे समय से रखी लकड़ियां, ईंट-पत्थर के ढेर, कबाड़, टिन के टुकड़े और घास-फूस का जमावड़ा सांपों को छिपने के लिए आदर्श स्थान प्रदान करता है।
  • भोजन की तलाश: यदि घर के आसपास चूहे, मेंढक या अन्य छोटे जीव अधिक संख्या में होते हैं, तो सांप भोजन की तलाश में वहां तक पहुंच जाते हैं।
  • सुरक्षित माहौल: घर के कोने, अंधेरी जगहें और शांतिपूर्ण वातावरण सांपों को अपने ठिकाने के रूप में बहुत पसंद आता है।

सांपों को घर से दूर रखने के उपाय

रेस्क्यू एक्सपर्ट अजीता पांडे ने सांपों के खतरे को कम करने के लिए कुछ बेहद प्रभावी सुझाव दिए हैं:

  • साफ-सफाई रखें: घर के बाहर लकड़ी, कबाड़ या ईंटों के ढेर न लगने दें। इन चीजों को घर की दीवारों से सटाकर बिल्कुल न रखें।
  • नियमित कटाई: घर के आसपास झाड़ियां या लंबी घास न पनपने दें और उनकी नियमित रूप से कटाई करते रहें।
  • दरारें भरें: घर की दीवारों में मौजूद दरारें, फर्श के गड्ढे और दरवाजों के नीचे की खाली जगह को बंद करना बहुत जरूरी है, ताकि सांप अंदर न घुस सकें।
  • सतर्कता बरतें: रात के समय घर से बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का उपयोग करें। जमीन पर सोने से बचें और जूते, बिस्तर या कपड़े पहनने से पहले उन्हें एक बार अच्छी तरह से चेक जरूर कर लें।
  • कीट-पतंगों पर नियंत्रण: घर के आसपास चूहे और मेंढक न बढ़ें, इसका पूरा ध्यान रखें क्योंकि यही जीव सांपों को सीधे तौर पर आकर्षित करते हैं।

सांप दिखने पर क्या करें और क्या न करें?

अजीता पांडे ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि घर या आसपास कहीं सांप दिखाई दे, तो आम लोगों को उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश कभी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना जानलेवा हो सकता है। सांप से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत किसी प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या पेशेवर रेस्क्यूअर को फोन करके सूचित करें। इसके अलावा, यदि किसी कारणवश सर्पदंश की घटना हो जाए, तो झाड़-फूंक या किसी भी प्रकार के घरेलू नुस्खों के चक्कर में अपना समय बर्बाद न करें। ऐसी स्थिति में पीड़ित को बिना एक पल गंवाए तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना ही जीवन रक्षक सिद्ध होता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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