इंद्रावती नदी पर आकार ले रहा 648 मीटर लंबा पुल, बीजापुर के 50 से ज्यादा गांवों को मिलेगी सीधी राह छत्तीसगढ़ 2 घंटे पहले 2
बीजापुर के भैरमगढ़ ब्लॉक स्थित फूनडरी गांव में इंद्रावती नदी पर 648 मीटर लंबे पुल का निर्माण तेजी से जारी है। यह पुल बनने के बाद अबूझमाड़ इलाके के 50 से अधिक गांव सीधे नेशनल हाईवे से जुड़ जाएंगे।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के लोगों, जो लंबे समय से विकास की प्रतीक्षा कर रहे थे, के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भैरमगढ़ ब्लॉक के फूनडरी गांव में इंद्रावती नदी पर 648 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। यह पुल पूरा होने के बाद 50 से अधिक गांव सीधे नेशनल हाईवे से जुड़ जाएंगे, जिससे न सिर्फ आवाजाही सुगम होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच के नए रास्ते भी खुलेंगे।

बरसात में नाव ही था सहारा

बीजापुर जिले का अबूझमाड़ क्षेत्र वर्षों से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझता रहा है। खासकर बरसात के दिनों में यहां के ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ता था। कई बार तेज जलधारा और खराब मौसम की वजह से लोगों की जान पर भी बन आती थी।

ऐसे माहौल में फूनडरी में इंद्रावती नदी पर बन रहा यह पुल इलाके के हजारों लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। 648 मीटर लंबे इस पुल के तैयार होने से अबूझमाड़ के 50 से अधिक गांवों की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। पहले जहां बारिश में ग्रामीणों को घंटों पैदल चलना पड़ता था, अब वाहन सीधे गांवों तक पहुंच सकेंगे। इससे रोजमर्रा की दिक्कतें काफी हद तक घटेंगी और लोगों का समय व संसाधन दोनों बचेंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ

इस पुल का सबसे बड़ा फायदा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिखाई देगा। अब तक कई गांवों के बच्चे खराब रास्तों और नदी की रुकावट के कारण नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंच पाते थे। इसी तरह गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। पुल बनने के बाद एंबुलेंस और दूसरे वाहन सीधे गांवों तक पहुंच सकेंगे, जिससे आपातकालीन सेवाएं अधिक कारगर हो जाएंगी।

इसके साथ ही रोजगार और कारोबार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्थानीय किसान और ग्रामीण अपनी उपज आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

प्रशासनिक पहुंच भी होगी आसान

प्रशासनिक नजरिए से भी इस पुल को बेहद अहम माना जा रहा है। बरसों तक अलग-थलग रहे अबूझमाड़ इलाके में चल रहे सर्वे और विकास कार्यों को इससे नई मजबूती मिलेगी। अधिकारियों और सर्वे दलों की पहुंच सरल होने से क्षेत्र में विकास योजनाओं को लागू करने की गति तेज हो सकेगी।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पुल महज एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि अबूझमाड़ के विकास का प्रवेश द्वार है। इसके पूरा होने के बाद इलाके की तस्वीर बदलने की उम्मीद है और हजारों ग्रामीणों का जीवन पहले से कहीं अधिक सहज और सुरक्षित हो सकेगा।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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