TMC में बगावत तेज, कई धड़ों में बंटी पार्टी; काकोली घोष के दावे पर कीर्ति आजाद का पलटवार पश्चिम बंगाल एक महीने पहले 26
तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष गहराने से पार्टी कई गुटों में बंटती दिख रही है। बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने 19 सांसदों के समर्थन और NDA का साथ देने का दावा किया, जबकि कीर्ति आजाद ने इसे फर्जी सूची बताकर निशाना साधा।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एकजुट बनाए रखने की कोशिश में जुटी हैं, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। कई सांसद खुलकर बगावती तेवर दिखा रहे हैं। सबसे पहले रिताब्रता बनर्जी ने 58 सांसदों के समर्थन के साथ विपक्ष के नेता पद पर दावा ठोका, और अब एक और सांसद काकोली घोष कई समर्थकों के साथ अलग राह पकड़ने के संकेत दे रही हैं। इन घटनाक्रमों के बीच TMC की लोकसभा इकाई एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि पार्टी के एक और मुस्लिम राज्यसभा सांसद नदीमुल हक़ भी बीजेपी के संपर्क में हैं।

काकोली घोष का तेवर: 'सिर कटेगा, झुकेगा नहीं'

बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार, जिन्होंने पिछले महीने के अंत में TMC के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था, ने कहा कि बागी गुट ने नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) का समर्थन करने का फैसला किया है। उनका दावा है कि उन्हें करीब 19 सांसदों का साथ मिल चुका है। दल-बदल विरोधी कानून की चपेट से बचने के लिए बागी खेमे को TMC के 28 लोकसभा सदस्यों में से कम से कम 19 सांसद, यानी कुल सांसदों का दो-तिहाई हिस्सा अपने पाले में चाहिए।

ममता बनर्जी के लिए एक के बाद एक झटके

इससे पहले सोमवार को कम से कम 14 सांसदों ने दिल्ली में बैठक कर पार्टी से अलग होने के मुद्दे पर मंथन किया। यह चर्चा बंगाल के नेता और सीएम शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में हुई। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद इस क्षेत्रीय दल के लिए यह एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।

एक तरफ जहां सोमवार को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (INDIA) की बैठक में हिस्सा ले रही थीं, वहीं वहां से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर बागी TMC सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में केंद्रीय मंत्री और बंगाल चुनावों के लिए बीजेपी के ऑब्जर्वर भूपेंद्र यादव के घर पर दो घंटे तक बैठक की। शाम के समय इस समूह ने बीरभूम से चार बार की सांसद शताब्दी रॉय के आवास पर एक बार फिर मुलाकात की।

कीर्ति आजाद का तीखा पलटवार

इस पूरे घटनाक्रम पर TMC नेता कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फर्जी और मनगढ़ंत सूची बीजेपी की ओर से जारी की गई है। उनका कहना था कि इनमें से छह लोगों ने किसी भी दस्तावेज या कागज पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने 'ऑपरेशन लोटस' को नाकाम बताते हुए कहा कि अमित शाह इस कोशिश में असफल रहे हैं और TMC का यह अलग धड़ा NDA का समर्थन नहीं करेगा।

सांसद ने सुनाई बैठक की भीतरी कहानी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी बागी TMC सांसदों की दोनों बैठकों में मौजूद रहे। एक सांसद के अनुसार, "पहली बैठक में सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि आप सभी वरिष्ठ सांसद हैं, लेकिन TMC के बड़े नेताओं ने आपके साथ बुरा बर्ताव किया है।" यह घटनाक्रम TMC के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय के राज्यसभा से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों बाद सामने आया। उन्होंने पार्टी पर "बेहिसाब भ्रष्टाचार" और "अराजक शासन" का आरोप लगाया था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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