मध्य प्रदेश में आज होगी कैबिनेट की विशेष बैठक, समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट पेश करेगी सरकार मध्य प्रदेश एक महीने पहले 48
मध्य प्रदेश के जगदीशपुर में आज राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें समान नागरिक संहिता यानी UCC का ड्राफ्ट विचार के लिए रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसे लेकर पहले ही कड़े संकेत दिए हैं।

जगदीशपुर में आज कैबिनेट का मंथन

मध्य प्रदेश सरकार आज यानी रविवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेने की ओर अग्रसर है। राज्य मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक आज जगदीशपुर में आयोजित की जा रही है, जिसे पहले इस्लामनगर के नाम से जाना जाता था। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु समान नागरिक संहिता यानी UCC का ड्राफ्ट है। मंत्रिमंडल के समक्ष इस ड्राफ्ट को पेश किया जाएगा, जिस पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। राज्य में इस विधेयक को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं और आज की यह बैठक इस दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

कानूनी सुधार और नए प्रस्ताव

इस प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट में कई बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का उद्देश्य राज्य में मौजूद पुरानी और भेदभावपूर्ण कानूनी अवधारणाओं को समाप्त करना है। इसके तहत 'नाजायज औलाद' या 'अवैध बच्चा' जैसे शब्दों और कानूनी प्रावधानों को हमेशा के लिए खत्म करने की योजना है। नए नियमों के अंतर्गत सभी बच्चों को समान कानूनी दर्जा और अधिकार प्रदान करने की तैयारी की गई है। इसके अलावा विवाह, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमों में भी बड़े बदलाव किए जाने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि विवाह और तलाक का पंजीयन पूरी तरह से अनिवार्य बनाया जाए ताकि कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही, सभी समुदायों के लिए एक समय में केवल एक ही विवाह को मान्य किए जाने का प्रस्ताव भी इस ड्राफ्ट का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की कड़ी चेतावनी

समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव काफी मुखर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में 'एक प्रदेश, एक विधान' का नारा दिया है और इसे सख्ती से लागू करने का संकल्प लिया है। हाल ही में कटनी जिले के स्लीमनाबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में अब सबके लिए एक ही कानून होगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति एक विवाह करेगा, उसे ही कानूनी रूप से मध्य प्रदेश में रहने का अधिकार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि एक से अधिक शादी करने वालों के लिए राज्य में कोई स्थान नहीं है। उनका मानना है कि यह कदम न केवल सामाजिक न्याय को बढ़ावा देगा, बल्कि राज्य में कानून व्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।

अंडरग्राउंड टनल का निरीक्षण

समान नागरिक संहिता के संकल्प के अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने विकास कार्यों को लेकर भी चर्चा में हैं। हाल ही में शुक्रवार को उन्होंने कटनी जिले का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने देश की सबसे लंबी, करीब 12 किमी लंबी अंडरग्राउंड वॉटर टनल का बारीकी से निरीक्षण किया। इस टनल के मुआयने के बाद उन्होंने एक भव्य रोड शो में हिस्सा लिया और उसके बाद विशाल जनसभा को संबोधित किया। इसी मंच से उन्होंने समान नागरिक संहिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए जनता से इसे सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

मानसून सत्र और आगे की राह

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सरकार की पूरी तैयारी है कि इसी सत्र के दौरान UCC विधेयक को सदन में पेश किया जाए। मुख्यमंत्री ने कई मंचों से स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार इस कानून को जल्द से जल्द पारित कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बड़े फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और प्रदेश की जनता के अपार समर्थन का उल्लेख भी किया है। यह विधेयक प्रदेश के सामाजिक ढांचे में एक बड़ा और दूरगामी बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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