मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
2
विचारों
ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में कदम आगे बढ़ गए हैं। राजधानी भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में ड्राफ्टिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस सत्र में सरकारी विभागों के अधिकारियों के अलावा विभिन्न समुदायों के धर्मगुरुओं और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया था, ताकि एक सर्वसम्मत ड्राफ्ट तैयार किया जा सके।
प्रमुख चर्चा के विषय
बैठक के दौरान राज्य में संभावित कानून के कई पहलुओं पर विचार किया गया। मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर मंथन हुआ:
- लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कानूनी मसले।
- विवाह, तलाक और विरासत संबंधी नियम।
- NRI विवाह और उनसे जुड़ी समस्याएं।
- आदिवासी समुदाय के पारंपरिक अधिकारों का संरक्षण।
भाजपा नेताओं का रुख
भाजपा महामंत्री राहुल कोठारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह कानून नागरिकों की सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने विशेष रूप से NRI द्वारा विवाह के बाद विदेश चले जाने और लिव-इन रिलेशनशिप के मामलों पर चिंता व्यक्त की। वहीं, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि देश में संविधान और झंडा एक है, इसलिए कानून भी एक ही होना चाहिए। उन्होंने इसे बाबा साहब अंबेडकर के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक कदम बताया और कानून को अधिक सख्त बनाने पर जोर दिया।
विपक्ष और धर्मगुरुओं की आपत्तियां
बैठक में शामिल शहर काजी मौलाना मुश्ताक अली नदवी ने UCC का विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि भारत की विविध संस्कृतियों और संवैधानिक आजादी के तहत पर्सनल लॉ में बदलाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह तर्क भी दिया कि यदि आदिवासी समाज को इस दायरे से बाहर रखा जा रहा है, तो अन्य समुदायों को भी छूट मिलनी चाहिए।
कांग्रेस की अनुपस्थिति पर विवाद
इस बैठक में कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ, जिसे लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इसे पार्टी की बड़ी चूक करार दिया है। मसूद ने आदिवासियों को विशेष छूट देने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाते हुए इसे कानून की मूल भावना के विपरीत बताया और कहा कि वे इस पूरे मामले को पार्टी हाई कमान के समक्ष उठाएंगे।
Comments
0 comment