मध्य प्रदेश पुलिस में बैंड बजाकर मिलेगी नौकरी, न दौड़ न लंबी कूद, जानिए पूरी चयन प्रक्रिया मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
मध्य प्रदेश पुलिस में बैंड कांस्टेबल के 679 पदों पर सीधी भर्ती की जा रही है, जिसमें किसी भी प्रकार की शारीरिक परीक्षा नहीं ली जाएगी। चयन प्रक्रिया कौशल और इंटरव्यू के आधार पर पूरी होगी।

बिना फिजिकल टेस्ट के पुलिस की नौकरी

मध्य प्रदेश में अब पुलिस की वर्दी पहनने के लिए आपको दौड़ने या लंबी कूद लगाने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने पुलिस बैंड के लिए बड़े स्तर पर भर्तियां शुरू की हैं। इस विशेष भर्ती प्रक्रिया में फिजिकल टेस्ट जैसे कि 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक को पूरी तरह हटा दिया गया है। इन पदों पर चयन पूरी तरह से संगीत कौशल और इंटरव्यू के आधार पर किया जा रहा है।

कुल 679 पदों पर चल रही है प्रक्रिया

राज्य सरकार ने पुलिस बैंड की मजबूती के लिए कुल 932 पदों की मंजूरी दी है, जिनमें इंस्पेक्टर से लेकर कांस्टेबल तक के पद शामिल हैं। फिलहाल इन स्वीकृत पदों में खाली पड़े 679 आरक्षक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इन पदों के लिए 5 से 19 अप्रैल तक आवेदन मंगाए गए थे, जिसके लिए 40 हजार से ज्यादा युवाओं ने अपना भाग्य आजमाया है।

चयन की तीन चरण की प्रक्रिया

भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 24 जून से इन पदों के लिए स्किल टेस्ट और बैंड वादन परीक्षा का आयोजन शुरू हो चुका है। भर्ती प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है:

  • कौशल परीक्षण (स्किल टेस्ट)
  • बैंड वादन परीक्षा: इसमें उम्मीदवार को 18 संगीत वाद्ययंत्रों में से कम से कम एक बजाकर दिखाना होगा। इस चरण के लिए 60 अंक निर्धारित हैं।
  • इंटरव्यू: साक्षात्कार के लिए 25 अंक और अतिरिक्त योग्यता के लिए 15 अंक रखे गए हैं।

मेरिट के आधार पर कुल पदों की तुलना में तीन गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

क्या है अनिवार्य शर्तें

एसएएफ के एडीजी चंचल शेखर ने स्पष्ट किया है कि भले ही इसमें दौड़ नहीं होगी, लेकिन उम्मीदवारों को सामान्य पुलिस भर्ती के मानकों के अनुसार ऊंचाई और छाती (चेस्ट) के पैमानों को पूरा करना होगा। इसके अलावा, चयनित उम्मीदवारों का मेडिकल परीक्षण भी किया जाएगा। एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि बैंड ड्यूटी के अलावा इन कर्मचारियों को आवश्यकता पड़ने पर सामान्य पुलिसिंग और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ सकती है। प्रशिक्षण के दौरान इन्हें छह महीने की शारीरिक ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे पुलिस की अन्य भूमिकाओं के लिए भी तैयार हो सकें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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