तिलकामांझी विश्वविद्यालय में संकट, 70 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द और 11 महीने से वेतन भी बकाया बिहार 2 महीने पहले 77
भागलपुर स्थित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर हंगामा किया, क्योंकि उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और उन्हें पिछले 11 महीनों से भुगतान नहीं मिला है।

विवादों में घिरी शिक्षकों की बहाली

बिहार के भागलपुर स्थित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में इन दिनों भारी तनाव का माहौल है। पिछले करीब एक सप्ताह से अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में धरने पर बैठे हैं। मामला तब और गंभीर हो गया जब राज्यपाल कार्यालय के निर्देश पर 70 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया। यह निर्णय उस जांच रिपोर्ट के बाद आया, जिसे इन नियुक्तियों में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित तीसरी कमेटी ने सौंपा था।

वेतन और रिन्यूअल का पेंच

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति 11 महीने के अनुबंध के तहत पूरी तरह से नियम और कानूनों का पालन करते हुए की गई थी। शिक्षकों का आरोप है कि इतने महीनों तक सेवा देने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें उनका बकाया वेतन नहीं दिया है। जब अनुबंध के नवीनीकरण (रिन्यूअल) का समय आया, तो नियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी कर दिया गया। आक्रोशित शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव और वित्त अधिकारी का घेराव किया और थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रभारी कुलपति पर गंभीर आरोप

शिक्षकों ने प्रभारी कुलपति बीएस झा पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच चल रहे आपसी विवाद और खींचतान का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। शिक्षकों का यह भी कहना है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया में वास्तव में कोई धांधली या लेन-देन हुआ था, तो इसकी जांच पहले होनी चाहिए थी, न कि 11 महीने तक सेवा लेने के बाद।

कानूनी लड़ाई की तैयारी

अतिथि शिक्षकों ने इस पूरी कार्रवाई को एकतरफा और अन्यायपूर्ण करार दिया है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी नियुक्ति फिर से बहाल नहीं की गई और बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए हैं कि वे मामले को लेकर पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं और इस संबंध में वकीलों से कानूनी सलाह भी ले रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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