भागलपुर में पीने के पानी के लिए मचा हाहाकार, खाली बर्तनों के साथ ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर किया प्रदर्शन बिहार एक महीने पहले 37
बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है। वार्ड संख्या-8 के निवासी लंबे समय से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं और प्रशासन से तुरंत समाधान की मांग कर रहे हैं।

पानी की समस्या से बेहाल ग्रामीण

बिहार के कई क्षेत्रों में जल संकट की खबरें लगातार सामने आती रहती हैं, जहां लोग बुनियादी जरूरत यानी पीने के पानी के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत कमरगंज पंचायत के जहांगीरा गांव में स्थिति बेहद भयावह हो चुकी है। गांव के वार्ड संख्या-8 में रहने वाले लोग इन दिनों बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यह समस्या केवल एक घर की नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले की है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।

खाली बर्तनों से एनएच-80 पर चक्का जाम

पेयजल की गंभीर समस्या से आजिज आकर ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी मांग को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-80 यानी NH-80 को पूरी तरह से बाधित कर दिया। विरोध प्रदर्शन का तरीका बेहद अनूठा था, जहां लोगों ने अपने खाली पानी के बर्तनों और डिब्बों को सड़क के बीचों-बीच रखकर यातायात रोक दिया। इस प्रदर्शन के कारण लगभग डेढ़ घंटे तक मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप रहा। सड़क के दोनों तरफ बड़े और छोटे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

नल तो लगे, पर पानी नदारद

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके घरों में सरकारी योजना के तहत नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उन नलों में पानी की एक बूंद भी नहीं आती है। पानी की सप्लाई न होने के कारण लोगों को रोजाना कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। उन्हें सड़क पार करके दूर-दराज के इलाकों से पीने का पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि गांव में जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण बरसात के मौसम में घरों के सामने पानी का जमाव हो जाता है और लोगों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है।

प्रशासन की समझाइश के बाद खुला रास्ता

सड़क जाम की खबर मिलते ही सुल्तानगंज थाने के एसआई विष्णुदेव कुमार और प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू करने का ठोस आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश और कार्रवाई के भरोसे के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया, जिसके बाद लगभग डेढ़ घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका।

पानी का संकट और सामाजिक विवाद

बिहार के विभिन्न इलाकों में पानी की किल्लत केवल एक सुविधा का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह अब सामाजिक तनाव की जड़ भी बनती जा रही है। जहां कहीं भी पानी के स्रोत सीमित हैं, वहां लोगों के बीच पानी भरने को लेकर अक्सर झगड़े और मारपीट की घटनाएं होती हैं। वर्षों से साथ रह रहे पड़ोसी पानी की इस मजबूरी के कारण एक-दूसरे के दुश्मन बन रहे हैं। प्रशासन को इन परिस्थितियों को देखते हुए जल प्रबंधन की व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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