दिल्ली और एनसीआर में भारी बारिश का रेड अलर्ट, जानें अगले 6 दिनों तक कैसा रहेगा देश का मौसम भारत 2 घंटे पहले 6
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। देश के कई राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पूरी तरह सक्रिय रहने से अगले 6 दिनों तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर के लिए चेतावनी

शनिवार, 22 अगस्त को देश के बड़े हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पूरी तरह से सक्रिय रहने की उम्मीद जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने आने वाले समय के लिए गंभीर मौसम संबंधी पूर्वानुमान जारी किए हैं। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय हुए मौसमी सिस्टम के चलते देश के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में अच्छी बारिश की संभावना है। इसी क्रम में, दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए 22 अगस्त को भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जलभराव और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भी तेज़ बारिश का सिलसिला शुरू होने के पूरे आसार बने हुए हैं।

शनिवार को इन इलाकों में होगी बारिश

मौसम विभाग ने 22 अगस्त के लिए जो विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार प्रमुख स्थानों पर मौसमी हलचल इस प्रकार रहेगी:

  • दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ ही पूरे क्षेत्र में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश का दौर देखने को मिलेगा।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
  • अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में व्यापक स्तर पर वर्षा का अनुमान है।
  • पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।
  • ओडिशा और झारखंड में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जबकि गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ आंधी आने के आसार हैं।

मानसून की सक्रियता के पीछे का कारण

मानसून के इस दौर के अचानक सक्रिय होने के पीछे 21 अगस्त को उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र प्रमुख कारक है। इस सिस्टम से जुड़ा सर्कुलेशन समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा, मानसून ट्रफ जो कि कम दबाव वाली एक लंबी पट्टी होती है, वह अमृतसर, मुज़फ़्फ़रनगर और कानपुर से गुज़र रही है और सीधे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। यही कारण है कि मध्य और उत्तरी भारत में मानसून का प्रभाव काफी अधिक महसूस किया जा रहा है और बारिश का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है।

अगले एक हफ्ते तक बारिश का व्यापक पूर्वानुमान

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक देश के विभिन्न राज्यों में बारिश का वितरण इस प्रकार रहने वाला है:

  • 22 से 23 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी है। उत्तराखंड में यह दौर 27 अगस्त तक जारी रह सकता है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त तक बड़े पैमाने पर बारिश होने की संभावना है।
  • मध्य प्रदेश में 22 से 25-26 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 27 अगस्त तक व्यापक बारिश के आसार हैं। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 25 अगस्त तक बिजली गिरने और आंधी की भी आशंका है।
  • गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और ओडिशा में 27 अगस्त तक बारिश जारी रहेगी। बिहार में 22 से 24 अगस्त के बीच अच्छी बारिश होगी और 25 से 27 अगस्त तक छिटपुट बारिश के आसार हैं।
  • ओडिशा में 24 से 27 अगस्त के दौरान अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
  • पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त तक अलग-अलग चरणों में भारी वर्षा होगी।
  • कोंकण और गोवा में 27 अगस्त तक व्यापक बारिश के आसार हैं। मध्य महाराष्ट्र में 26 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। गुजरात, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में 27 अगस्त तक छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।
  • दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 27 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।
  • तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 27 अगस्त तक काफी ज़्यादा बारिश होने की संभावना है।
  • 22 से 25 अगस्त के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में ज़मीन की सतह पर तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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