सावन में देवघर जा रहे हैं तो फोन में जरूर रखें यह ऐप, बाबा के दर्शन से लेकर रास्ते तक की मिलेगी हर जानकारी बिहार एक घंटा पहले 3
सावन के पवित्र महीने में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले कांवरियों की सुविधा के लिए ट्रिपल आईटी भागलपुर ने ई-श्रावणी ऐप तैयार किया है, जो यात्रा को आसान बनाने के साथ ही कई जरूरी सुविधाएं प्रदान करेगा।

सावन यात्रा में श्रद्धालुओं का बड़ा सहारा बनेगा यह ऐप

सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही भगवान शिव के भक्त बोलबम के जयकारे लगाते हुए सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर की ओर बढ़ने लगे हैं। इस समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और देश-दुनिया से कांवरिये बाबा बैद्यनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। सुल्तानगंज से देवघर तक की कठिन पदयात्रा के दौरान अक्सर बाहर से आने वाले कांवरियों को स्थानीय रास्तों, पड़ाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी न होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को दूर करने और यात्रा को सुगम बनाने के लिए भागलपुर स्थित ट्रिपल आईटी द्वारा एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। जिला प्रशासन के सहयोग से बना यह ऐप कांवरियों को उनके स्मार्टफोन पर ही हर प्रकार की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा।

क्या है ई-श्रावणी ऐप और इसकी विशेषताएं

ट्रिपल आईटी भागलपुर के कुलसचिव डॉ. धीरज कुमार के अनुसार, श्रावणी मेले में आने वाले कांवरियों के लिए विशेष रूप से ई-श्रावणी (e-Shravani) ऐप को डिजाइन किया गया है। यह ऐप यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की हर छोटी-बड़ी जरूरत को पूरा करने में सक्षम है। ऐप की प्रमुख विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • रास्ते की सटीक जानकारी: सुल्तानगंज में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को गंगा घाट तक पहुँचने का सही और सुगम रास्ता ऐप के माध्यम से पता चल जाएगा।
  • घाटों की सुविधाएं: गंगा घाटों पर उपलब्ध विभिन्न प्रकार की सुविधाओं और उनके सटीक स्थान के बारे में विस्तृत विवरण प्राप्त किया जा सकेगा।
  • आवास और भोजन व्यवस्था: कांवरियों के ठहरने के लिए बनी टेंट सिटी में कितने बेड खाली हैं, इसकी लाइव जानकारी ऐप पर मिलेगी। इसके साथ ही नजदीकी शौचालय और भोजनालयों का पता भी एक क्लिक में मिल जाएगा।
  • दूरी की गणना: यात्रा के दौरान यह ऐप कांवरियों को यह बताता रहेगा कि उन्होंने अब तक कितनी दूरी तय कर ली है और देवघर पहुँचने के लिए अभी और कितनी दूरी बाकी है।
  • लाइव दर्शन: सबसे खास बात यह है कि श्रद्धालु इस ऐप के जरिए बाबा अजगैबीनाथ मंदिर और बाबा बैद्यनाथ धाम में होने वाले जलार्पण के सीधे दर्शन भी कर पाएंगे।

कैसे डाउनलोड करें और किसने तैयार किया

डॉ. धीरज ने बताया कि श्रद्धालु अपनी सुविधा के लिए गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप के इंटरफेस को बेहद सरल रखा गया है, जिसमें अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति बिना किसी परेशानी के मनचाही जानकारी तुरंत प्राप्त कर सके। इस हाईटेक ऐप को तैयार करने में ट्रिपल आईटी भागलपुर के मेधावी छात्र देवांश और फैकल्टी सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई है। सीमित समय सीमा के भीतर इस टीम ने मेहनत करके एक ऐसा आधुनिक टूल तैयार किया है, जो कांवर यात्रा करने वाले लाखों भक्तों के लिए मददगार साबित होगा। यदि आप भी इस सावन बाबा धाम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो ई-श्रावणी ऐप डाउनलोड करके आप अपनी यात्रा को और भी अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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