मध्य प्रदेश
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शिवपुरी जिले में मक्के की खेती किसानों की पसंद बनती जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक पान सिंह करोरिया ने बताया कि बीते करीब दो सालों से जिले में मक्के की खेती का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। मुख्य रूप से कोलारस, बदरवास और रनोद बेल्ट के साथ-साथ शिवपुरी के कुछ अन्य इलाकों में किसान बड़े पैमाने पर इस फसल को अपना रहे हैं, जिससे यह जिले में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
विपरीत मौसम में भी शानदार उत्पादन
उप संचालक के अनुसार, मक्के की फसल की सबसे बड़ी विशेषता इसका बेहतरीन उत्पादन है। पिछले साल जब अत्यधिक बारिश के कारण कई दूसरी फसलें गलकर बर्बाद हो गई थीं, तब भी मक्के ने प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद अच्छी पैदावार दी थी। यही कारण है कि किसानों का झुकाव लगातार इस फसल की ओर बढ़ता जा रहा है।
बारिश का इंतजार, तैयारी पूरी
आगामी सीजन को लेकर किसानों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। खेतों की अच्छी तरह जुताई कर उन्हें तैयार रखा गया है। पहली अच्छी बारिश होते ही किसान तुरंत मक्के की बुवाई का काम शुरू कर देंगे।
बेहतर पैदावार के लिए इन हाइब्रिड किस्मों की सिफारिश
पान सिंह करोरिया ने बताया कि जिले के अधिकांश किसान अधिक उत्पादन के लिए हाइब्रिड किस्मों का ही इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने किसानों के लिए कुछ बेहतरीन और अधिक उपज देने वाली किस्मों की सिफारिश की है, जो इस प्रकार हैं—
- NK 6802 (एनके 6802)
- NK 30 Plus (एनके 30 प्लस)
- NK 610 (एनके 610)
- Pioneer 3302 (पायनियर 3302)
- Hytech 516 (हाईटेक 516)
- Dekalb 9126 (डेकाल्ब 9126)
उन्होंने कहा कि ये चुनिंदा हाइब्रिड किस्में बेहद शानदार उत्पादन देती हैं। यदि किसान सही समय पर इनकी बुवाई करें, तो अपनी फसल से बंपर पैदावार हासिल कर सकते हैं।
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