बिहार के किसानों को बड़ी सुविधा! अब मोबाइल ऐप से घर बैठे मिलेगा बागवानी फसलों पर 75% तक अनुदान बिहार एक घंटा पहले 2
बिहार सरकार ने किसानों के लिए 'बिहार कृषि ऐप' की शुरुआत की है, जिसके जरिए वे उद्यानिकी फसलों पर 75 फीसदी तक अनुदान के लिए घर बैठे मोबाइल से आवेदन कर सकेंगे। अब साइबर कैफे जाने की जरूरत नहीं रहेगी।

बिहार में किसानों की तरक्की के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है। उद्यान विभाग के माध्यम से किसानों को उद्यानिकी फसलों की बागवानी पर 75 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके बावजूद कई बार किसान इस लाभ से वंचित रह जाते थे। इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि उन्हें हॉर्टिकल्चर की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता था, और इस दौरान कभी सर्वर की दिक्कत आ जाती तो कभी साइबर कैफे तक जाने का वक्त नहीं मिल पाता था।

अब इसी परेशानी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने कृषि और उद्यान विभाग की योजनाओं में आवेदन की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। उद्यानिक फसलों से जुड़ी योजनाओं का फायदा उठाने के लिए अब किसानों को साइबर कैफे के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि वे अपने मोबाइल फोन से ही सीधे आवेदन कर सकेंगे।

बिहार कृषि ऐप से होगा आवेदन

बेगूसराय में प्रखंड उद्यान पदाधिकारी राजाराम ने बताया कि पहले उद्यानिक फसलों की अलग-अलग योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को हॉर्टिकल्चर विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होता था। लेकिन अब राज्य सरकार ने किसानों के लिए बिहार कृषि ऐप शुरू किया है, जिसे किसान अपने मोबाइल के प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि ऐप डाउनलोड करने के बाद किसान खुद पंजीकरण करके कृषि और उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी हासिल कर सकते हैं। इतना ही नहीं, अब इसी ऐप के जरिए किसान योजनाओं के लिए आवेदन भी कर सकेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगी।

घर बैठे मिलेगा योजनाओं का फायदा

बिहार में किसानों की प्रगति के लिए कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और जीविका के साथ-साथ कई एनजीओ भी अपना योगदान देने की बात करते हैं। लेकिन जब किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात आती है तो वह उद्यानिकी फसलों के जरिए ही संभव हो पाता है।

अब बिहार कृषि ऐप के माध्यम से किसानों को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवेदन और अन्य जरूरी सेवाएं किसानों को मोबाइल पर ही मिल सकेंगी। सरकार का मकसद किसानों को डिजिटल माध्यम से जोड़कर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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