बस्तर के पिपलावंड गांव में 300 लोगों के धर्मांतरण का मामला, वन भूमि पर चर्च बनाने की तैयारी का आरोप छत्तीसगढ़ 3 महीने पहले 53
बस्तर की पिपलावंड पंचायत में धर्मांतरण और वन भूमि पर कथित कब्जे को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जगदलपुर क्षेत्र की पिपलावंड पंचायत में इन दिनों धर्मांतरण और वन भूमि पर कथित कब्जे को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग रखी।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के करीब 65 परिवारों के 300 से अधिक लोगों ने अपना धर्म बदलकर ईसाई धर्म अपना लिया है। उनके मुताबिक धर्म बदलने के बाद कुछ परिवार गांव की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और रीति-रिवाजों से दूरी बना चुके हैं।

गांव की सामाजिक एकता पर असर का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण कर चुके कुछ लोग अब गांव में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों, सामाजिक आयोजनों और सामुदायिक गतिविधियों में पहले की तरह हिस्सा नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गांव की आपसी एकता और सहयोग की भावना पर बुरा असर पड़ रहा है।

वन भूमि पर चर्च निर्माण की तैयारी का दावा

ज्ञापन में ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव की एक वन भूमि पर चर्च बनाने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि यह जमीन शासन की योजनाओं के लिए चिन्हित की गई है, जहां तालाब निर्माण, पौधारोपण और वन संरक्षण के मकसद से फेंसिंग का काम होना है।

ग्रामीणों के अनुसार, इसी क्षेत्र में धर्म परिवर्तन कर चुके कुछ परिवारों को बसाने की भी तैयारी चल रही है। उनका मानना है कि यह भूमि सार्वजनिक उपयोग और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से बेहद अहम है, और यहां किसी तरह का अन्य निर्माण होने पर सरकारी योजनाओं तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर सीधा असर पड़ सकता है।

निष्पक्ष जांच और भूमि सुरक्षा की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वन भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गांव की सामाजिक समरसता और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।

फिलहाल प्रशासन ने ग्रामीणों का ज्ञापन स्वीकार करते हुए पूरे प्रकरण की जांच का आश्वासन दिया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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