राजस्थान
एक घंटा पहले
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सीमावर्ती इलाके से निकलकर अपने दम पर एक सफल कारोबारी पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन बाड़मेर जिले के रामसर निवासी युवा उद्यमी गिरीश खत्री ने यह कर दिखाया है। उन्होंने अपने पिता के पारंपरिक साबुन निर्माण व्यवसाय को नया स्वरूप देते हुए एक भरोसेमंद डिटर्जेंट ब्रांड खड़ा किया और क्षेत्र के युवाओं के सामने मिसाल पेश की है।
पिता के व्यवसाय को दिया आधुनिक रूप
गिरीश के परिवार में साबुन बनाने का काम पहले से होता था। उन्होंने इसी आधार को आगे बढ़ाते हुए पारंपरिक तरीके की जगह आधुनिक तकनीक अपनाने का फैसला किया। इसी सोच के साथ उन्होंने 14.45 लाख रुपये का लोन लिया और डिटर्जेंट निर्माण की शुरुआत की।
रोजाना करीब 2 टन की बिक्री
आज उनकी यूनिट से प्रतिदिन लगभग 2 टन डिटर्जेंट की बिक्री हो रही है। उनका उत्पाद बाड़मेर तक सीमित न रहकर जैसलमेर, बालोतरा और जालौर सहित कई इलाकों में सप्लाई किया जा रहा है। गुणवत्ता और निरंतर आपूर्ति के दम पर उनका ब्रांड अब 1.5 करोड़ के कारोबार तक पहुंच चुका है।
स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर
इस उद्यम ने केवल गिरीश को ही सफलता नहीं दिलाई, बल्कि इसने आसपास के क्षेत्र में रोजगार के नए रास्ते भी खोले हैं। सीमावर्ती इलाके में बनी इस इकाई से कई लोगों को काम मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
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