उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
3
विचारों
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन, व्यापार और पर्यटन को नई रफ्तार देने वाली एक बड़ी सड़क परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत बरेली से हल्द्वानी के बीच 100 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। आने वाले वर्षों में यह परियोजना पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।
यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ दोनों राज्यों के बीच की दूरी को समेटेगा, बल्कि पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। इस नए हाईवे के बनने के बाद बरेली से हल्द्वानी तक का सफर तीन घंटे से भी अधिक कम हो जाएगा।
इन 6 शहरों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
देशभर में आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार करने की कड़ी में बरेली-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी दी गई है। करीब 100 किलोमीटर लंबा यह चार लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे बरेली को सीधे उत्तराखंड के प्रवेश द्वार हल्द्वानी से जोड़ेगा।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बरेली, फरीदपुर, आंवला, बहेड़ी, किच्छा और लालकुआं होते हुए हल्द्वानी तक पहुंचेगा। निर्माण पूरा होने के बाद यात्रियों को मौजूदा मार्गों की भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। सबसे अहम बात यह है कि बरेली से हल्द्वानी पहुंचने में लगने वाला समय तीन घंटे से अधिक घट जाएगा।
ऐतिहासिक और व्यापारिक रिश्तों का नया सेतु
वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. राजेश कुमार शर्मा के अनुसार, बरेली और कुमाऊं क्षेत्र के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध सदियों पुराने हैं। उनका कहना है कि यह एक्सप्रेसवे महज एक सड़क नहीं, बल्कि दो अहम क्षेत्रों के बीच आर्थिक और सामाजिक विकास का नया सेतु साबित होगा।
उनके मुताबिक इस परियोजना से पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
कुमाऊं के पर्यटन और उद्योगों को सीधा फायदा
हल्द्वानी को कुमाऊं का प्रवेश द्वार माना जाता है। नैनीताल, भीमताल, रानीखेत, अल्मोड़ा और अन्य पर्वतीय पर्यटन स्थलों तक जाने वाले अधिकांश पर्यटक इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल पर्यटन सीजन के दौरान इस इलाके में भारी ट्रैफिक का दबाव रहता है, लेकिन नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।
यह परियोजना केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगी। पंतनगर, रुद्रपुर और लालकुआं के औद्योगिक क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। माल ढुलाई आसान होगी और उत्तराखंड के उत्पाद तेजी से उत्तर प्रदेश तथा देश के अन्य बाजारों तक पहुंच सकेंगे।
Comments
0 comment