अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों से पलटे आशुतोष ब्रह्मचारी, बोले- रामचंद्र दास ने डालकर बनवाया था दबाव उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 15
माघ मेला 2026 और महाकुंभ 2025 के दौरान नाबालिग बटुकों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अब अपने बयान से पलट गए हैं। उन्होंने रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें गुमराह कर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अब अपने ही बयान से पलटते नजर आ रहे हैं। पहले उन्होंने दावा किया था कि माघ मेला 2026 और महाकुंभ 2025 के दौरान मठ में रहने वाले नाबालिग बटुकों का शंकराचार्य ने यौन उत्पीड़न किया। मगर अब उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप मढ़ दिए हैं।

आशुतोष ब्रह्मचारी का सार्वजनिक बयान

आशुतोष ब्रह्मचारी ने सामने आकर कहा कि वे आज खुलेआम कुछ ऐसी बातें कहना चाहते हैं, जिन्हें लंबे समय से दबाकर रखा गया था। उन्होंने बताया कि मथुरा स्थित श्री देहो बाबा जी का आश्रम, जो श्रवण समाज और उनसे जुड़ा हुआ है, उससे संबंधित कई गंभीर घटनाएं हुई हैं।

उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि रामचंद्र दास, जो कभी उनके गुरु भाई रहे हैं, उन पर गंभीर आरोप लगाने के पीछे उनके पास ठोस कारण हैं। उन्होंने रामचंद्र दास को कुकर्मी, ढोंगी और फ्रॉड बताया।

गुरुजी के प्रति सम्मान बरकरार

आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्पष्ट किया कि गुरुजी के प्रति उनका सम्मान पहले भी था, आज भी है और जीवनभर बना रहेगा। उनका मानना है कि गुरुजी के खिलाफ षड्यंत्र रचे गए और यहां तक कि उनकी हत्या कराने तक की साजिश रची गई। उन्होंने मांग की कि इन सभी घटनाओं की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।

फर्जी मुकदमों को लेकर बड़ा दावा

उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ जो फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए, उनमें उन्हें गुमराह किया गया और इसके लिए रामचंद्र दास ने ही उन पर दबाव बनाया। उनके अनुसार इस पूरे प्रकरण में कई अधिकारी भी शामिल हैं।

आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि इसी सिलसिले में उन्होंने मथुरा के एसएसपी को एक शिकायत पत्र भेजा है। उनका आरोप है कि पोत्रा कुंड स्थित आश्रम और उससे जुड़े मामलों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे कब्जा करने की कोशिश की गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

सबूतों के साथ लड़ाई का ऐलान

आशुतोष ब्रह्मचारी ने ऐलान किया कि अब वे सत्य की लड़ाई लड़ेंगे, फिर चाहे सामने कोई भी क्यों न हो। उन्होंने दावा किया कि उनके पास कई चैट, रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, जो इस पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही और भी खुलासे करेंगे तथा अपने पास मौजूद सबूतों को उचित मंच पर पेश करेंगे। उनका कहना है कि उनका मकसद किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि उन तथ्यों को सामने लाना है जिन्हें वे महत्वपूर्ण मानते हैं।

क्या है पूरा मामला

यह पूरा प्रकरण प्रयागराज के माघ मेले और महाकुंभ से जुड़ा है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि माघ मेला 2026 और महाकुंभ 2025 के दौरान मठ में रहने वाले नाबालिग बटुकों का यौन उत्पीड़न किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज की विशेष पोक्सो कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।

कोर्ट के कड़े रुख के बाद झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। फिलहाल आशुतोष ब्रह्मचारी का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की गई है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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