छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में चला बुलडोजर: वन भूमि पर बने अवैध मकान ढहाए, इलाके में मचा हड़कंप छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 2
बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के गाजर गांव में प्रशासन ने वन विभाग की सुरक्षित जमीन पर बने अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाया। कुल 34 मकानों को गिराने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से दर्जनों ध्वस्त किए जा चुके हैं।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से इस समय एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रशासन ने सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी बुलडोजर की गूंज सुनाई दी है। जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गाजर गांव में वन विभाग की सुरक्षित भूमि पर कब्जा कर खड़े किए गए अवैध मकानों पर प्रशासनिक बुलडोजर पूरी ताकत से गरजा।

सुबह-सुबह गाजर गांव में पहुंची प्रशासनिक टीम

सुरक्षित वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के मकसद से वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ सुबह ही गाजर गांव में दबिश दी। प्रशासनिक अमले के साथ पहुंचीं जेसीबी मशीनों ने कुछ ही देर में दर्जनों अवैध मकानों को मलबे के ढेर में बदल डाला। इस अचानक और तेज कार्रवाई से क्षेत्र के भूमि माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में खलबली मच गई, वहीं अपने घर टूटते देख लोग सहमे हुए नजर आए।

कुल 34 मकानों को गिराने का लक्ष्य

प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई के तहत गाजर गांव के वन क्षेत्र में कुल 34 अवैध मकानों को जमींदोज करने का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें से दर्जनों मकानों को अब तक पूरी तरह मलबे में मिलाया जा चुका है, जबकि शेष बचे मकानों को ढहाने का सिलसिला लगातार जारी है।

तीन मकानों को क्यों छोड़ा गया

हालांकि, इस बड़ी कार्रवाई के दौरान तीन मकानों को फिलहाल सुरक्षित रखते हुए अतिक्रमण हटाने की सूची से बाहर रखा गया है। इन तीन में से एक मकान केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PM Awas Yojana) के अंतर्गत स्वीकृत होकर बना है, इसी वजह से उसे नहीं तोड़ा गया। वहीं बाकी बचे दो मकानों का कानूनी मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। कानूनी अड़चनों और नियमों का सम्मान करते हुए प्रशासन ने इन तीनों घरों पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की है और कोर्ट का फैसला आने तक इन्हें छुआ तक नहीं जाएगा।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हटाने के दौरान मौके पर किसी भी प्रकार के भारी विरोध, हंगामे या कानून-व्यवस्था बिगड़ने जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही कड़े और पुख्ता प्रबंध कर रखे थे। गाजर गांव में कार्रवाई वाले इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया और वहां बड़ी संख्या में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिस की टीमें तथा भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल की वजह से अतिक्रमणकारी और उनके समर्थक चाहकर भी खुलकर विरोध नहीं कर सके।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि सरकारी और वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान सिर्फ गाजर गांव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले के जिन भी हिस्सों में वन भूमि पर अवैध निर्माण हुआ है, वहां इसी तरह बुलडोजर चलाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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