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2 घंटे पहले
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होर्मुज स्ट्रेट में हमलों से फैली दहशत
दुनिया भर में ऊर्जा की आपूर्ति करने वाले सबसे अहम समुद्री गलियारे होर्मुज स्ट्रेट पर इस समय भीषण संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पिछले 72 घंटों के भीतर इस क्षेत्र में लगातार 5 जहाजों पर हमले किए गए हैं, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद से ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह से बिखर चुकी है। लगातार हमलों के कारण अब इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है।
जहाजों के लिए बना काल
लाल सागर की ओर हूती विद्रोही और फारस की खाड़ी से लेकर ओमान की खाड़ी तक ईरान जिस तरह की सक्रियता दिखा रहा है, उसने अमेरिका सहित पूरे पश्चिमी खेमे के पसीने छुड़ा दिए हैं। एक समय दुनिया का एनर्जी कॉरिडोर कहलाने वाला होर्मुज स्ट्रेट अब एक श्मशान जैसा बन गया है। ईरान और अमेरिका के बीच मचे घमासान के कारण यह जलमार्ग पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। ताजा घटनाक्रम में, होर्मुज स्ट्रेट में एक और जहाज पर हमला हुआ है, जिससे उसमें भीषण आग लग गई। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने घटना की पुष्टि की है। राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार चालक दल पूरी तरह सुरक्षित है, हालांकि जहाज को कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन अभी बाकी है।
सुपरटैंकर पर हमले से बढ़ा तनाव
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, ओमान के तट से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर एक सुपरटैंकर को निशाना बनाया गया। इस विशाल जहाज की क्षमता 25 लाख बैरल तेल ले जाने की बताई जा रही है। अगर इन हमलों की कड़ी को देखा जाए, तो यह सिलसिला 29 सितंबर से तेज हुआ है, जब एक साथ तीन टैंकरों को निशाना बनाया गया था। अमेरिका ने पहले दावा किया था कि वह इस समुद्री गलियारे में पूर्ण सुरक्षा प्रदान करेगा, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। तेल, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं से लदे टैंकरों पर हो रहे हमले वैश्विक बाजार को हिलाने के लिए काफी हैं।
ईरान के भीतर भी सुरक्षा अभियान
होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव के बीच ईरान के दक्षिण-पूर्वी शहर जाहेदान से भी बड़ी खबर सामने आई है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान 6 आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है। सुरक्षा बलों ने इस अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है। ईरानी सूत्रों का कहना है कि सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के जाहेदान इलाके में पिछले कुछ हफ्तों से सुरक्षा बलों पर हमले बढ़ गए थे, जिसके जवाब में यह सख्त कार्रवाई की गई। फिलहाल मारे गए आतंकवादियों की पहचान और उनके किसी संगठन से संबंध होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा
होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली तेल और गैस की आवाजाही अब न के बराबर रह गई है। बड़े व्यापारी और शिपिंग कंपनियां अपने जहाजों को इस खतरनाक रास्ते से भेजने से कतरा रही हैं। इन हमलों ने केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी अस्थिर कर दिया है। यदि हमलों का यह सिलसिला ऐसे ही जारी रहा, तो कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आना तय है, जिससे दुनिया भर के देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ जाएगा। अमेरिका के लिए यह स्थिति किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है, क्योंकि उसे अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा और ईरान की आक्रामक नीति के बीच संतुलन बनाना होगा।
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