पिता से सीखी कला और घर का सीक्रेट मसाला, बालोद की इस पावभाजी के दीवाने हुए लोग छत्तीसगढ़ 2 घंटे पहले 3
बालोद के घड़ी चौक पर दीपक सिंह राठौर का पावभाजी स्टॉल अपने घर पर तैयार खास मसाले की वजह से शहर का लोकप्रिय फूड पॉइंट बन चुका है, जहां रोजाना 150 से अधिक प्लेट पावभाजी बिकती है।

छत्तीसगढ़ के बालोद शहर के घड़ी चौक के पास हर शाम स्वाद के शौकीनों की भीड़ जमा होने लगती है। इसकी असली वजह है दीपक सिंह राठौर की पावभाजी, जिसका स्वाद चखने के बाद लोग बार-बार यहां लौट आते हैं। दीपक पिछले 9 से 10 वर्षों से यह स्टॉल चला रहे हैं, जबकि उनके परिवार का यह कारोबार लगभग तीन दशक पुराना है। उनके पिता साल 1995 से बालोद में पावभाजी बेच रहे हैं और अब इसी परंपरा को दीपक आगे बढ़ा रहे हैं।

पिता से सीखा पावभाजी बनाने का हुनर

दीपक सिंह राठौर ने बताया कि पावभाजी बनाने की पूरी कला उन्होंने अपने पिता से सीखी है। 12वीं तक पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आगे की शिक्षा जारी रखने के बजाय पारिवारिक व्यवसाय को संभालने का निर्णय लिया। आज वह अपने स्वाद और गुणवत्ता के बल पर शहर में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

घर पर तैयार होता है खास सीक्रेट मसाला

दीपक के मुताबिक, उनकी पावभाजी की सबसे बड़ी खासियत उसमें इस्तेमाल होने वाला विशेष मसाला है। यह मसाला बाजार से नहीं खरीदा जाता, बल्कि घर पर ही तैयार किया जाता है। इसी सीक्रेट मसाले की वजह से उनकी पावभाजी का स्वाद बाकी जगहों से अलग माना जाता है और बड़ी संख्या में ग्राहक इसे खूब पसंद करते हैं।

60 रुपये प्रति प्लेट में मिलती है पावभाजी

उन्होंने बताया कि घड़ी चौक के अलावा शीतला मंदिर के पास भी उनकी एक और दुकान चलती है। यहां पावभाजी के साथ-साथ पुलाव, दाबेली और मैगी भी उपलब्ध रहती है। ग्राहकों को पावभाजी 60 रुपये प्रति प्लेट, पुलाव 70 रुपये प्रति प्लेट और दाबेली 30 रुपये प्रति नग के हिसाब से परोसी जाती है।

रोजाना बिकती हैं 150 से ज्यादा प्लेट

दीपक के अनुसार, उनके स्टॉल पर हर दिन 150 प्लेट से अधिक पावभाजी बिक जाती है। इसके अलावा करीब 60 प्लेट पुलाव, 20 प्लेट मैगी और 150 से अधिक दाबेली भी ग्राहकों को परोसी जाती है। शाम पांच बजे से रात 10 बजे तक चलने वाले इस स्टॉल पर ग्राहकों की आवाजाही लगातार बनी रहती है।

ग्राहकों की जुबानी, स्वाद की कहानी

ग्राहक मनीष देवांगन ने बताया कि वह पिछले 4-5 साल से यहां नियमित रूप से आते हैं। यहां की पावभाजी और पुलाव दोनों ही अपने बेहतरीन स्वाद के लिए जाने जाते हैं और वह अक्सर अपने परिवार के सदस्यों को भी साथ लेकर आते हैं।

एक अन्य ग्राहक पूजा ने कहा कि वह भी कई वर्षों से यहां पावभाजी खाने आ रही हैं। यहां का स्वाद हमेशा एक जैसा और लाजवाब रहता है, यही वजह है कि वह बार-बार यहां आना पसंद करती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वाद और गुणवत्ता के दम पर दीपक सिंह राठौर का स्टॉल बालोद के लोकप्रिय फूड पॉइंट्स में शामिल हो चुका है। कम समय में ऑर्डर तैयार कर ग्राहकों तक पहुंचाने की उनकी कार्यशैली भी लोगों को खूब भाती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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