बालाघाट में पंचायत सचिव का बहा शव, ड्यूटी से घर लौटते समय उफनते नाले में हुए थे लापता मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 4
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में ड्यूटी से घर लौट रहे एक पंचायत सचिव की उफनते नाले में बहने से मौत हो गई। 16 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उनका शव घटनास्थल से 7 किलोमीटर दूर मिला।

सड़क हादसे ने ली जान

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के अंतर्गत आने वाले लांजी थाना क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां एक पंचायत सचिव का पानी के तेज बहाव में बहने के कारण निधन हो गया है। अपनी जिम्मेदारी पूरी करके घर की ओर लौट रहे पंचायत सचिव सीताराम घोरमारे अचानक आए बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए। 27 जुलाई की शाम को हुए इस हादसे के बाद अगले दिन 28 जुलाई को प्रशासन और राहत दल को उनका शव बरामद करने में सफलता मिली। एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत करते हुए घटनास्थल से करीब 7 किलोमीटर दूर सोन नदी के किनारे एक चट्टान में फंसा हुआ शव खोज निकाला। यह घटना कोसमारा और पीपलगांव के बीच स्थित रपटे पर घटित हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।

घटना का विवरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीताराम घोरमारे ग्राम कोसमारा के निवासी थे और उनकी तैनाती किरनापुर क्षेत्र के ग्राम ककोड़ी में बतौर पंचायत सचिव थी। हादसे वाले दिन यानी 27 जुलाई को वह अपने कार्यालयीन कार्यों को निपटाकर शाम 5 बजे के आसपास अपने मोटरसाइकिल से घर के लिए निकले थे। रास्ते में जैसे ही वह अपने गांव के निकट बने रपटे पर पहुंचे, वहां जलस्तर काफी अधिक था। पानी का बहाव तेज होने के कारण उनकी मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ गया, जिसके चलते वह सीधे नाले के गहरे पानी में जा गिरे और बहाव के साथ ओझल हो गए।

रेस्क्यू और खोजबीन

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस और राजस्व विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बचाव के लिए एसडीआरएफ को बुलाया गया। अंधेरा होने की वजह से 27 जुलाई की रात को तलाशी अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अगली सुबह 28 जुलाई को जैसे ही सूरज निकला, फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी घंटों की खोजबीन के बाद अंततः सोन नदी में एक चट्टान के बीच फंसा हुआ शव बरामद हुआ।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

इस हृदयविदारक घटना ने पंचायत सचिव के पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि रपटे के ऊपर से पानी बहने के बावजूद उसे पार करने का निर्णय लेना उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। गौरतलब है कि हाल के दिनों में राज्य के अन्य हिस्सों से भी ऐसी दुखद खबरें आ रही हैं। इससे पहले इंदौर और महेश्वर में भी पिकनिक मनाने गए दो युवक लोधिया कुंड और चोरल डैम में डूब गए थे। मानसून के दौरान जलस्रोतों के पास सावधानी बरतने की अपील बार-बार प्रशासन द्वारा की जा रही है, फिर भी इस तरह की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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