उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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उत्तर प्रदेश में महाराजा सुहेलदेव और सैयद सालार मसूद गाजी को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। अंबेडकरनगर पहुंचे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली पर बेहद तीखा और अमर्यादित हमला बोला। यह बयानबाजी तब शुरू हुई जब शौकत अली ने महाराजा सुहेलदेव को लेकर एक टिप्पणी की, जिससे नाराज होकर राजभर मैदान में उतर आए।
शौकत अली पर राजभर का तीखा हमला
राजभर ने शौकत अली की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें 'अनपढ़, जाहिल और गवार' तक कह दिया। मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
इतिहास का हवाला देकर रखा पक्ष
अपने बयान में राजभर ने ऐतिहासिक तथ्यों का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांता सैयद सालार मसूद गाजी भारत के मंदिरों और यहां की संपत्ति को लूटने के मकसद से आया था। उन्होंने बताया कि महाराजा सुहेलदेव ने 18 दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद इस आक्रांता को मार गिराया था।
विवाद में सपा की एंट्री
इस पूरे विवाद में समाजवादी पार्टी भी कूद पड़ी है। पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने गाजी को सूफी संत बताकर नई सियासी बहस छेड़ दी है। उनके इस बयान के बाद गाजी बनाम सुहेलदेव विवाद और गहरा गया है तथा प्रदेश की राजनीति में टकराव और बढ़ता दिख रहा है।
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