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एक घंटा पहले
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बरसात का मौसम दस्तक देने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि आपकी कार उसके लिए कितनी तैयार है। अक्सर छोटी-सी अनदेखी ही आगे चलकर भारी खर्च और सफर के बीच मुसीबत का सबब बन जाती है। घिसे हुए टायर, कमजोर ब्रेक, खराब वाइपर या डाउन होती बैटरी मानसून में जोखिम कई गुना बढ़ा देते हैं। कुछ आसान उपाय अपनाकर आप अपनी कार को सुरक्षित रख सकते हैं और बारिश में भी बेफिक्र होकर ड्राइविंग का मजा ले सकते हैं।
भारतीय सड़कों पर मानसून का मौसम चुनौतियों से भरा रहता है। तेज बारिश, जलभराव, कीचड़ और नमी कार के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। अगर समय रहते तैयारी न की जाए तो ब्रेक फेल होना, इंजन में पानी घुसना, जंग लगना या इलेक्ट्रिकल खराबी जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं। मानसून आने से पहले नियमित जांच और छोटी-मोटी मरम्मत से न केवल वाहन सुरक्षित रहता है, बल्कि महंगे नुकसान से भी बचा जा सकता है। फिसलन भरी सड़क, कम विजिबिलिटी और पानी के कारण ब्रेकिंग दूरी बढ़ जाती है, इसलिए टायर, ब्रेक, वाइपर और बैटरी जैसी अहम चीजों को पहले से दुरुस्त रखना बेहद जरूरी है।
टायर और ब्रेक की जांच
मानसून में सबसे ज्यादा भरोसा टायर की ग्रिप पर ही टिका होता है। टायर का ट्रेड कम से कम 1.6 मिलीमीटर गहरा होना चाहिए और घिसे हुए टायर तुरंत बदल देने चाहिए। हवा का दबाव सही रखें, क्योंकि कम हवा रहने पर फिसलन बढ़ जाती है। ब्रेक पैड, डिस्क और ब्रेक फ्लूइड की जांच जरूर करवाएं। अगर ब्रेक से आवाज आ रही हो या गाड़ी एक तरफ खिंच रही हो तो बिना देर किए मैकेनिक के पास पहुंचें।
बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम
नमी बैटरी को जल्दी कमजोर कर देती है। बैटरी के टर्मिनल साफ रखें और उसका चार्ज जरूर चेक करवाएं। यह सुनिश्चित करें कि सभी लाइट्स यानी हेडलाइट, टेललाइट, ब्रेक लाइट और इंडिकेटर सही ढंग से काम कर रहे हों। वायरिंग में कहीं ढीलापन या जंग नहीं होनी चाहिए। मानसून के दौरान अचानक बैटरी डाउन होने से बचने के लिए यह जांच बहुत जरूरी है।
वाइपर, विंडशील्ड और लाइट्स
पुराने वाइपर ब्लेड बदल दें, क्योंकि वे बारिश में पानी ठीक से साफ नहीं कर पाते और विजिबिलिटी घट जाती है। ध्यान रखें कि विंडशील्ड पर कोई दरार न हो। हेडलाइट और फॉग लाइट साफ और सही एंगल पर होनी चाहिए। साथ ही वॉशर फ्लूइड भरकर रखें ताकि शीशे की सफाई में दिक्कत न आए।
इंजन, फ्लूइड्स और सीलिंग
इंजन ऑयल, ब्रेक ऑयल, कूलेंट और पावर स्टीयरिंग फ्लूइड की जांच करवाएं। कार के डोर, बोनट और विंडो की रबर सीलिंग जरूर देखें ताकि अंदर पानी न पहुंच सके। एयर फिल्टर को साफ रखें या जरूरत पड़ने पर बदल दें, क्योंकि नमी की वजह से फिल्टर जल्दी खराब हो जाता है।
अंदरूनी सफाई और इमरजेंसी किट
कार के अंदर गद्दे और फ्लोर मैट को साफ रखें, क्योंकि नमी से फंगस लगने का खतरा रहता है। गाड़ी में हमेशा एक इमरजेंसी किट रखें, जिसमें टॉर्च, फर्स्ट एड बॉक्स, टो रस्सी, जलरोधक कपड़े और अतिरिक्त पानी हो।
इन आसान उपायों को अपनाकर आप मानसून में अपनी कार को न सिर्फ सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि लंबे समय तक उसे अच्छी हालत में बनाए रख सकते हैं।
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