ऑस्ट्रेलियाई टीम में बड़े बदलाव की तैयारी, दूसरे टेस्ट से पहले ओपनिंग और गेंदबाजी संयोजन में होगा फेरबदल खेल एक घंटा पहले 7
बांग्लादेश के खिलाफ मैके में होने वाले दूसरे टेस्ट मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी प्लेइंग इलेवन में महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रही है। मैट रेनशॉ की टीम में वापसी पक्की है, जबकि अनुभवी स्पिनर नाथन लियोन के बाहर बैठने की संभावना बनी हुई है।

मैके टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया ने बुने नई रणनीति के ताने-बाने

ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 अगस्त से मैके में आयोजित किया जाएगा। पहले टेस्ट मैच में बांग्लादेश द्वारा मिली ऐतिहासिक हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन अब अपनी प्लेइंग इलेवन में सुधार के मूड में दिख रहा है। कप्तान पैट कमिंस ने स्पष्ट किया है कि आगामी मैच में टीम के संयोजन में कुछ बदलाव निश्चित हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ओपनिंग जोड़ी को लेकर हुआ है, जहाँ मैट रेनशॉ को ट्रैविस हेड के साथ पारी की शुरुआत करने का जिम्मा सौंपा गया है। रेनशॉ करीब 3 साल के अंतराल के बाद टेस्ट टीम में वापसी कर रहे हैं। पहले टेस्ट में जैक वेदराल्ड ने ओपनिंग की थी, लेकिन खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें इस बार बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

क्या चार तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरेगा ऑस्ट्रेलिया?

टीम की रणनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया चार तेज गेंदबाजों को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की योजना बना रही है। ऐसी स्थिति में टीम के मुख्य स्पिनर नाथन लियोन को बाहर बैठना पड़ सकता है और उनकी जगह स्कॉट बोलैंड को मौका दिया जा सकता है। कप्तान पैट कमिंस का मानना है कि मैके की पिच उनके लिए नई है, इसलिए वे अंतिम निर्णय लेने से पहले एक अतिरिक्त दिन का समय ले रहे हैं। कमिंस यह परखना चाहते हैं कि चार तेज गेंदबाजों की नीति कारगर साबित होगी या फिर टीम में एक स्पिनर का होना अनिवार्य है।

नाथन लियोन के करियर का कठिन पड़ाव

अगर नाथन लियोन को इस मैच में बाहर रखा जाता है, तो यह 2012 में भारत के खिलाफ वाका में खेले गए मैच के बाद पहला मौका होगा जब वे पूरी तरह फिट होने के बावजूद अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं होंगे। डार्विन में हुए पिछले मुकाबले में लियोन का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था, जहाँ उन्होंने पहली पारी में 102 रन खर्च करके केवल 1 विकेट चटकाया था। यह मुकाबला एशेज सीरीज के दौरान हुई हैमस्ट्रिंग की चोट से उभरने के बाद उनका पहला टेस्ट था, जिसमें बांग्लादेशी बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया था। कप्तान कमिंस ने जोर देकर कहा कि टीम का चयन पूरी तरह से पिच की स्थिति और मौसम के पूर्वानुमान पर आधारित है। यदि उन्हें लगता है कि तेज गेंदबाज शुरुआती पारियों में विपक्षी टीम को जल्दी आउट कर सकते हैं और चौथी पारी में स्पिन की भूमिका सीमित रहने वाली है, तो वे उसी रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगे।

मैट रेनशॉ के कंधों पर जिम्मेदारी

मैट रेनशॉ के टेस्ट रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक अपने करियर में 14 मैच खेले हैं। इन मैचों की 24 पारियों में उन्होंने 29.31 की औसत से कुल 645 रन बनाए हैं। उनके नाम 3 अर्धशतक और 1 शतक दर्ज है, जिसमें 184 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा है। रेनशॉ ने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2023 में भारत के खिलाफ दिल्ली में खेला था। शेफील्ड शील्ड में शानदार प्रदर्शन और हालिया सीमित ओवरों की क्रिकेट में उनकी फॉर्म को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है। अब देखना यह है कि क्या वे टीम की उम्मीदों पर खरा उतर पाते हैं या नहीं।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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