महाराष्ट्र में ATS की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर छापेमारी, 150 से ज्यादा लोग रडार पर महाराष्ट्र एक महीने पहले 60
महाराष्ट्र एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े एक संदिग्ध ऑनलाइन नेटवर्क के खिलाफ राज्यव्यापी छापेमारी की है। इस कार्रवाई में 150 से अधिक लोग जांच के दायरे में हैं और एटीएस की 14 टीमें विभिन्न शहरों में पूछताछ कर रही हैं।

पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर से जुड़ा नेटवर्क

महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते यानी ATS ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क को लेकर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी NIA की छापेमारी के बाद अब ATS ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए पूरे महाराष्ट्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। सूत्रों के अनुसार, मुंबई, ठाणे, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, नवी मुंबई, मीरारोड, भाईंदर, सांगली, सतारा और छत्रपति संभाजी नगर समेत राज्य के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में एटीएस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।

150 से ज्यादा संदिग्धों पर नजर

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में रहने वाले 150 से अधिक लोग एटीएस के निशाने पर हैं। इस अभियान की शुरुआत आज सुबह 7 बजे की गई। इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए ATS ने महाराष्ट्र भर में फैली अपनी 14 अलग-अलग यूनिटों को तैनात किया है। इन टीमों द्वारा अब तक 112 लोगों की पहचान की जा चुकी है और उन सभी से गहन पूछताछ की जा रही है।

भारत विरोधी गतिविधियों की साजिश

प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने का काम कर रहा था। एटीएस को संदेह है कि इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य उद्देश्य ISIS और AQIS जैसे आतंकवादी संगठनों की कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार करना था। आरोपी कथित तौर पर लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद को बढ़ावा देकर भारत में इस्लामी राज्य स्थापित करने की खतरनाक साजिश रच रहे थे।

NIA का देशव्यापी तलाशी अभियान

इससे पहले, NIA ने बुधवार को ऑनलाइन आतंकी कट्टरपंथीकरण के खिलाफ एक बड़े अभियान को अंजाम दिया था। एनआईए द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस समन्वित कार्रवाई के तहत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली सहित कुल 10 राज्यों में 20 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई।

गिरफ्तारियों का सिलसिला और साक्ष्य

इस राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान NIA ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। इन उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि कट्टरपंथी षड्यंत्र के और भी गहरे सुराग मिल सकें। एजेंसी ने बताया कि अब तक इस मामले में 11 लोगों के साथ-साथ एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। गौरतलब है कि इस पूरे मामले को NIA ने इस साल मई में विजयवाड़ा पुलिस से अपने हाथों में लिया था।

विजयवाड़ा से शुरू हुई थी जांच

मामले की जड़ें मार्च महीने में विजयवाड़ा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़ी हैं। उस समय पुलिस ने मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के घर पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान वहां से ISIS और AQIS (अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट) जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। आतंकवाद विरोधी एजेंसी ने स्पष्ट किया कि बुधवार को की गई छापेमारी पूर्व में जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों के तकनीकी विश्लेषण और गिरफ्तार आरोपियों के बीच कनेक्टिविटी की जांच के बाद तय की गई थी।

युवाओं को बहकाने की कोशिश

जांच में यह सामने आया है कि आरोपी और उनके सहयोगी सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलाकर और हिंसक जिहादी सामग्री का उपयोग करके देश भर के कमजोर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की साजिश रच रहे थे। एजेंसी के अनुसार, आरोपी विदेशी आकाओं के सीधे संपर्क में थे और भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उनसे लगातार निर्देश ले रहे थे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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