ज्योतिष
एक दिन पहले
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Ravivar aur Disha Shool: Kya hai manyata?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 21 जून 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। इस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो दोपहर 3:20 बजे तक रहेगी और इसके बाद अष्टमी तिथि का आरंभ होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार के दिन कुछ विशेष दिशाओं में यात्रा करने से दिशाशूल लगता है, जिससे अशुभ फल मिलने या कार्यों में अनहोनी होने की संभावना बनी रहती है।
Yatra aur Disha ka vichar
इस रविवार को पश्चिम दिशा की ओर दिशाशूल रहेगा। वास्तु और ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि इस दिशा में यात्रा करने से व्यक्ति को धन की हानि, स्वास्थ्य में गिरावट और कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। यदि किसी कारणवश यात्रा करना अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले पान या दलिया खाकर निकलना शुभ माना गया है।
Khan-pan se jude niyam: 8 varjit cheezein
रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है, इसलिए इस दिन भोजन और खान-पान में पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार, रविवार को निम्नलिखित 8 चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए:
- नमक
- मांसाहार
- मदिरा
- लहसुन
- प्याज
- मसूर की दाल
- लाल साग
- सरसों का तेल
इन चीजों के परहेज के साथ ही रविवार को गुड़ का सेवन करना स्वास्थ्य और भाग्य के लिए काफी फायदेमंद बताया गया है।
Shubh aur Ashubh Muhurat
किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की योजना के लिए अभिजित मुहूर्त सुबह 11:29 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा। वहीं, अशुभ समय से बचने के लिए राहुकाल शाम 05:33 बजे से 07:17 बजे तक, गुलिक काल दोपहर 3:54 बजे से शाम 5:40 बजे तक और यमघण्टकाल सूर्योदय से सुबह 07:14 बजे तक रहेगा। इन समयों में नए कार्य शुरू करने से परहेज करना चाहिए।
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