रक्षाबंधन 2026: त्योहार पर भाई-बहन किस तरह के कपड़े पहनें, शास्त्रों के अनुसार जानें सही नियम ज्योतिष एक घंटा पहले 4
रक्षाबंधन के पवित्र मौके पर भाई-बहन को कपड़ों के चयन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बीएचयू के विशेषज्ञों के अनुसार, इस दिन पारंपरिक और सात्विक वेशभूषा पहनना त्योहार की शुभता को बढ़ाता है।

रक्षाबंधन 2026: सांस्कृतिक मर्यादा और वेशभूषा का महत्व

रक्षाबंधन का त्योहार केवल एक धागे का बंधन नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक परंपराओं का एक अनूठा संगम है। देशभर में भाई-बहन इस दिन को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और अपनी खुशियां साझा करती हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार इस दिन पहनने वाले कपड़ों का भी विशेष महत्व होता है? बीएचयू के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर पंडित विनय पांडेय ने इस पर्व के दौरान अपनाई जाने वाली वेशभूषा को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं।

क्यों जरूरी है सही कपड़ों का चयन

प्रोफेसर विनय पांडेय का मानना है कि भारतीय संस्कृति में प्रत्येक कार्य और पर्व के लिए एक मर्यादा तय की गई है। जैसे हम विभिन्न अवसरों पर अलग-अलग वेशभूषा का चुनाव करते हैं, उसी तरह रक्षाबंधन जैसे पवित्र दिन पर भी सही कपड़ों का चयन करना उचित होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार हम ऑपरेशन थिएटर में पहने जाने वाले विशेष वस्त्रों को ड्राइविंग के समय उपयोग में नहीं ला सकते, उसी तरह धार्मिक पर्वों की अपनी एक गरिमा होती है। यद्यपि शास्त्रों में कपड़ों को लेकर कोई कठोर बाध्यता नहीं है, लेकिन पर्व की पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए पारंपरिक वस्त्र धारण करना अधिक श्रेयस्कर माना जाता है।

बहनों के लिए परिधान और रंगों के नियम

पंडित विनय पांडेय के अनुसार, बहनों को रक्षाबंधन के दिन पूजा और अनुष्ठान के अनुरूप ही शुद्ध वस्त्र धारण करने चाहिए। उन्होंने महिलाओं के लिए विशेष सलाह दी है:

  • यदि बहनें विवाहित हैं, तो भाई की कलाई पर राखी बांधते समय उन्हें साड़ी पहनना सबसे अधिक शुभ माना गया है।
  • अविवाहित बहनें इस दिन सूट-सलवार धारण कर सकती हैं।
  • रंगों के चुनाव में विशेष सावधानी बरतें। शास्त्रों के अनुसार, राखी के दिन काला और नीला रंग पहनने से बचना चाहिए। इन दो रंगों के अलावा अन्य किसी भी रंग के वस्त्र बहनें चुन सकती हैं।

भाइयों के लिए क्या है शुभ

केवल बहनें ही नहीं, भाइयों को भी इस दिन अपने पहनावे पर ध्यान देना चाहिए। पंडित विनय पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन जैसे मांगलिक पर्व पर भाइयों के लिए कुर्ता-पायजामा या धोती-कुर्ता धारण करना सबसे उत्तम माना गया है। यदि आप पारंपरिक पहनावा नहीं पहनना चाहते, तो पैंट-शर्ट का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। हालांकि, भाइयों को कुछ बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है:

  • इस दिन काले रंग के कपड़ों का त्याग करें।
  • ध्यान रहे कि वस्त्र कहीं से भी फटे न हों।
  • साफ और सुथरे कपड़े पहनना ही पूजा की शुचिता के लिए बेहतर होता है।

कुल मिलाकर, रक्षाबंधन का त्योहार सात्विकता और सम्मान का प्रतीक है। यदि हम अपने पहनावे में थोड़ी सावधानी बरतें और पारंपरिक मूल्यों का पालन करें, तो यह पर्व भाई-बहन के बीच के प्रेम और बंधन को और अधिक आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान कर सकता है। त्योहार के दिन का सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए इन सरल लेकिन महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना लाभकारी होता है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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